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Maharashtra: किशोर के भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप परिवार ने किए खारिज, कहा- बेटे को नहीं क्रिकेट में रुचि
Sun, 09 Mar 2025 03:51 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 09 Mar 2025 03:51 PM IST
सार
सिंधुदुर्ग जिले के मालवन में 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में एक किशोर और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया था और किशोर को किशोर बोर्ड के सामने पेश किया गया था।
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पुलिस कर रही जांच
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
महाराष्ट्र में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारत विरोधी नारे लगाने के आरोपों को किशोर और उसके परिवार ने खारिज किया है। परिवार ने दावा किया है कि किशोर पढ़ने के लिए मदरसा जाता था और उसे क्रिकेट खेलने और मैच देखने में कोई दिलचस्पी नहीं थी।
दरअसल, सिंधुदुर्ग जिले के मालवन में 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में एक किशोर और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया था और किशोर को किशोर बोर्ड के सामने पेश किया गया था। इसके बाद परिवार की दुकान और घर को नगर निगम के अधिकारियों ने अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद किशोर के पिता और कबाड़ व्यापारी के भाई के गोदाम को भी ध्वस्त कर दिया गया और भूस्वामी को नोटिस भी दिया गया।
मैंने भारत विरोधी नारा नहीं लगाया: किशोर
किशोर के परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके बेटे को फंसाने की साजिश रची है। आरोपी किशोर ने बताया कि वह एक मस्जिद में रात की नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहा था। रास्ते में एक आदमी ने उसे रोककर नाम पूछा। शुरू में मैंने उसे गलत नाम बताकर टालने की कोशिश की क्योंकि मैं डर गया था। उस युवक ने मुझसे पूछा कि क्या मैंने क्रिकेट मैच देखा है। तो मैंने उससे कहा कि मैं क्रिकेट मैच नहीं देखता क्योंकि मेरे पास समय और क्रिकेट में रुचि नहीं है।
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किशोर ने दावा किया कि उस आदमी ने मुझसे पूछा कि वह भारत-पाकिस्तान मैच में किस पक्ष को चुनेगा। इस पर मैंने कहा कि वह भारत को चुनेगा। इस पर वह युवक हंगामा करने लगा और कहने लगा कि मैंने भारत विरोधी नारा लगाया है। उन्होंने मुझे दो बार थप्पड़ मारे। कुछ देर बाद वे लोग मुझे घर ले आए और मेरे घर के बाहर हंगामा करने लगे। उन लोगों ने मेरे माता-पिता से भी हाथापाई की।
मेरा बेटा क्रिकेट नहीं देखता: पिता
किशोर के पिता ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है। उसे क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह मैच भी नहीं देखता। दो लोगों ने जानबूझकर ऐसा किया और यह एक चाल थी। पिता ने कहा कि मेरा बेटा मदरसे में जाता है और उसे छुट्टियां भी नहीं मिलतीं। मैं अपने भाई-बहनों के साथ 20 साल से ज़्यादा समय से मालवन में रह रहा हूं। हम सिर्फ़ अपने परिवार और कबाड़ के कारोबार से जुड़े हैं और किसी विवाद में नहीं पड़ते।
उन्होंने आरोप लगाया कि दो लोग उनके घर आए थे और शिकायत की थी कि लड़के ने भारत विरोधी नारे लगाए हैं और उन्होंने लड़के की पिटाई कर दी थी। कुछ समय बाद 30-35 से ज्यादा लोग मेरे घर आए और हमें पीटना शुरू कर दिया। जब लोगों ने हमारे बेटे की पिटाई की तो मेरी पत्नी ने प्लास्टिक की कुर्सी उठा ली थी, लेकिन उसने किसी को नहीं मारा और हाथापाई के दौरान उसे धक्का लग गया।
बिना अनुमति कारोबार नहीं कर सकेंगे दूसरे राज्यों के लोग: ग्राम पंचायत
घटना के बाद मालवन के कुछ गांवों की ग्राम पंचायतों ने दूसरे राज्यों के लोगों को बिना अनुमति के कारोबार करने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया। त्रिंबक गांव की एक ग्राम पंचायत ने दूसरे राज्यों के लोगों को कबाड़ बेचने, सब्जियां बेचने, अपना सामान बेचने या सड़क पर सामान बेचने के लिए चेतावनी देते हुए होर्डिंग और बैनर भी लगाए।
घटना की जांच कर रहे: पुलिस
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय किसी भी अप्रिय घटना से बचने और किसी भी समुदाय को निशाना न बनाने के लिए लिया गया था। वहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, लेकिन उनके पास किशोर द्वारा लगाए गए नारे का कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप नहीं है। आरोपी जमानत पर हैं और वे जल्द ही मामले में आरोपपत्र दाखिल करेंगे।
संबंधित वीडियो
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दरअसल, सिंधुदुर्ग जिले के मालवन में 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में एक किशोर और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया था और किशोर को किशोर बोर्ड के सामने पेश किया गया था। इसके बाद परिवार की दुकान और घर को नगर निगम के अधिकारियों ने अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद किशोर के पिता और कबाड़ व्यापारी के भाई के गोदाम को भी ध्वस्त कर दिया गया और भूस्वामी को नोटिस भी दिया गया।
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मैंने भारत विरोधी नारा नहीं लगाया: किशोर
किशोर के परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके बेटे को फंसाने की साजिश रची है। आरोपी किशोर ने बताया कि वह एक मस्जिद में रात की नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहा था। रास्ते में एक आदमी ने उसे रोककर नाम पूछा। शुरू में मैंने उसे गलत नाम बताकर टालने की कोशिश की क्योंकि मैं डर गया था। उस युवक ने मुझसे पूछा कि क्या मैंने क्रिकेट मैच देखा है। तो मैंने उससे कहा कि मैं क्रिकेट मैच नहीं देखता क्योंकि मेरे पास समय और क्रिकेट में रुचि नहीं है।
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किशोर ने दावा किया कि उस आदमी ने मुझसे पूछा कि वह भारत-पाकिस्तान मैच में किस पक्ष को चुनेगा। इस पर मैंने कहा कि वह भारत को चुनेगा। इस पर वह युवक हंगामा करने लगा और कहने लगा कि मैंने भारत विरोधी नारा लगाया है। उन्होंने मुझे दो बार थप्पड़ मारे। कुछ देर बाद वे लोग मुझे घर ले आए और मेरे घर के बाहर हंगामा करने लगे। उन लोगों ने मेरे माता-पिता से भी हाथापाई की।
मेरा बेटा क्रिकेट नहीं देखता: पिता
किशोर के पिता ने कहा कि उनका बेटा निर्दोष है। उसे क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह मैच भी नहीं देखता। दो लोगों ने जानबूझकर ऐसा किया और यह एक चाल थी। पिता ने कहा कि मेरा बेटा मदरसे में जाता है और उसे छुट्टियां भी नहीं मिलतीं। मैं अपने भाई-बहनों के साथ 20 साल से ज़्यादा समय से मालवन में रह रहा हूं। हम सिर्फ़ अपने परिवार और कबाड़ के कारोबार से जुड़े हैं और किसी विवाद में नहीं पड़ते।
उन्होंने आरोप लगाया कि दो लोग उनके घर आए थे और शिकायत की थी कि लड़के ने भारत विरोधी नारे लगाए हैं और उन्होंने लड़के की पिटाई कर दी थी। कुछ समय बाद 30-35 से ज्यादा लोग मेरे घर आए और हमें पीटना शुरू कर दिया। जब लोगों ने हमारे बेटे की पिटाई की तो मेरी पत्नी ने प्लास्टिक की कुर्सी उठा ली थी, लेकिन उसने किसी को नहीं मारा और हाथापाई के दौरान उसे धक्का लग गया।
बिना अनुमति कारोबार नहीं कर सकेंगे दूसरे राज्यों के लोग: ग्राम पंचायत
घटना के बाद मालवन के कुछ गांवों की ग्राम पंचायतों ने दूसरे राज्यों के लोगों को बिना अनुमति के कारोबार करने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया। त्रिंबक गांव की एक ग्राम पंचायत ने दूसरे राज्यों के लोगों को कबाड़ बेचने, सब्जियां बेचने, अपना सामान बेचने या सड़क पर सामान बेचने के लिए चेतावनी देते हुए होर्डिंग और बैनर भी लगाए।
घटना की जांच कर रहे: पुलिस
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय किसी भी अप्रिय घटना से बचने और किसी भी समुदाय को निशाना न बनाने के लिए लिया गया था। वहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, लेकिन उनके पास किशोर द्वारा लगाए गए नारे का कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप नहीं है। आरोपी जमानत पर हैं और वे जल्द ही मामले में आरोपपत्र दाखिल करेंगे।
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