BSF में खराब खाने की शिकायत करने वाले तेजबहादुर 'गायब'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल मीडिया पर सेना में खराब खाने का वीडियो पोस्ट करने वाले बीएसएफ कांस्टेबल तेज बहादुर यादव का परिवार बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने की तैयारी में है।
परिवार का कहना है कि उन्हें तेजबहादुर के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए तेज बहादुर की पत्नी के भाई ने कहा कि परिवार को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
आखिरी बार तेजबहादुर से उनकी पत्नी की बात हुई थी, जिसमें बीएसएफ के अधिकारी उन्हें अज्ञात जगह ले जा रहे थे। उसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। विजय आगे कहते हैं कि हमने बीएसएफ डीआईजी को दो खत भी भेजे, लेकिन उनका कोई जवाब हमें नहीं मिल सका।
हमारा परिवार उनको लेकर बेहद चिंतित है
वीआरएस रद्द करने के सवाल पर विजय कहते हैं कि अगर तेजबहादुर किसी दूसरे देश के होते तो उनका वीआरएस रद्द करके उनके खिलाफ जांच की जा सकती थी।
हमारा परिवार उनको लेकर बेहद चिंतित है। सोमवार को यादव की पत्नी शर्मिला और उनके भाई रनवीर सिंह अर्धसैनिक बल के महानिदेशक केके शर्मा से सेना के मुख्यालय में मिले।
अधिकारी कहते हैं कि शर्मा ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है, वहीं विजय कहते हैं कि शर्मा का जवाब ज्यादा सकारात्मक नहीं था। जब तेजबहादुर ने अपनी पत्नी से बात की थी तो हमने दोबारा डीआईजी से संपर्क करने की कोशिश की थी, पर हम उनसे दोबारा मुलाकात नहीं कर सके।
पत्नी का दावा उन्हें नजरबंद किया गया
यादव की पत्नी का दावा है कि उनके पति ने उन्हें फोन पर कहा था कि उन्हें डराया और शोषित किया जा रहा है, और उन्हें नजरबंद किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सेना ने कहा कि कोर्ट की जांच प्रक्रिया के तहत सभी गवाहों से उस समय तक पूछताछ की जाएगी जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती।
सैनिक इस वक्त सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके अनुशासन तोड़ने के आरोप झेल रहा है। ऐसे समय में उसे वीआरएस नहीं दी जा सकती। आपको बता दें कि तेजबहादुर ने सेना में खराब खाने को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था।
जिसमें उसने कहा था कि सेना में खराब खाना परोसा जाता है। उसकी गुणवत्ता बेहद खराब होती है। उस वीडियो में तेजबहादुर ने प्रधानमंत्री से कार्रवाई करने की मांग की थी।