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अमरावती हिंसा: फडणवीस ने बताया साजिश, बोले- रुके एकतरफा कार्रवाई नहीं तो होगी 'जेल भरो' आंदोलन की शुरुआत
Sun, 21 Nov 2021 07:10 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sun, 21 Nov 2021 07:10 PM IST
सार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती हिंसा को साजिश करार दिया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर 12 नवंबर की हिंसा की घटनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
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देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती हिंसा को साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि अमरावती और महाराष्ट्र के कुछ अन्य शहरों में हाल में भड़की हिंसा राज्य में अशांति फैलाने की सुनियोजित कोशिश थी। फडणवीस ने कहा कि इस मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई रुके नहीं तो भाजपा 'जेल भरो' आंदोलन की शुरुआत करेगी। इसके साथ ही भाजपा नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर 12 नवंबर की हिंसा की घटनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
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फडणवीस ने रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
अमरावती में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 'मैं रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाने की मांग करता हूं। मैं सत्तारूढ़ महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाने की चुनौती देता हूं।'
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रविवार को फडणवीस ने अमरावती में मसानगंज और हनुमाननगर इलाकों का दौरा किया। यहां उन्होंने अस्पताल में हिंसा में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान फडणवीस ने कहा, 'अमरावती और राज्य में अन्य जगहों पर 12 नवंबर को निकाला गया जुलूस झूठी सूचनाओं पर आधारित था। यह राज्य में अशांति पैदा करने की सुनियोजित कोशिश थी।' उन्होंने कहा, 'इसकी जांच होनी चाहिए। जिन्होंने इसकी साजिश रची, उनकी पहचान होनी चाहिए और उनका मकसद पता चलना चाहिए। राज्य में शांति बाधित करने की साजिश रची गई।'
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एकतरफा कार्रवाई रुकनी चाहिए नहीं तो भाजपा 'जेल भरो' आंदोलन शुरू करेगी
फडणवीस ने आगे कहा कि भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही पुलिस करती रही तो भाजपा 'जेल भरो' आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, '12 नवंबर की हिंसा की पूरी तरह अनदेखी कर केवल 13 नवंबर पर ध्यान देना अत्यंत निंदनीय है। राज्य सरकार 12 नवंबर की हिंसा पर चुप क्यों है? इस चुप्पी के पीछे मकसद क्या है? क्या वह मतों का ध्रुवीकरण चाहती है? मैं इसकी निंदा करता हूं।' फडणवीस ने कहा, 'हम शांति स्थापित करने में तंत्र के साथ सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन उसे हमारे साथ सहयोग करना चाहिए।'
उन्होंने पूछा कि क्या 12 नवंबर के विरोध मार्च की अनुमति ली गई थी। फडणवीस ने राज्य की महिला और बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर पर भी हिंसा को लेकर निशाना साधा जो अमरावती की प्रभारी मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा, 'यशोमती ठाकुर 12 नवंबर की हिंसा पर क्यों नहीं बोलतीं? उन्होंने उस घटना पर एक भी शब्द नहीं बोला।' बता दें कि त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ 12 नवंबर को प्रदर्शन कर रहे कुछ मुस्लिम संगठनों की रैलियों के दौरान राज्य के अनेक शहरों में पथराव हुआ था। अमरावती, नांदेड़, मालेगांव, वाशिम और यवतमाल जिलों से ऐसी घटनाएं सामने आई थीं। अगले दिन भाजपा द्वारा आहूत बंद के दौरान अमरावती के राजकमल चौक पर भीड़ ने दुकानों पर पथराव किया जिसके बाद पुलिस को इलाके में कर्फ्यू लगाना पड़ा।