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PNB Scam: मेहुल चोकसी पर शिकंजा कसने को तैयार बेल्जियम, 15 सितंबर सोमवार से शुरू होगी प्रत्यर्पण सुनवाई

Wed, 10 Sep 2025 07:05 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 10 Sep 2025 07:05 PM IST
सार

भारत ने बेल्जियम को यह आश्वासन भी दिया है कि अगर चोकसी को भारत लाया गया तो उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा और वहां की सुविधाएं, सुरक्षा और मानवाधिकार मानकों के बारे में पूरी जानकारी साझा की गई है, ताकि किसी तरह की कस्टोडियल टॉर्चर या अमानवीय व्यवहार की आशंका न रहे।

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Extradition proceedings against Mehul Choksi in Belgium likely to begin on Monday, say officials
मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी और फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ बेल्जियम की अदालत में प्रत्यर्पण कार्यवाही अगले सोमवार से शुरू हो सकती है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। अदालत की सुनवाई बेल्जियम के संघीय अभियोजक के नेतृत्व में होगी, जिसमें सीबीआई और भारत के विदेश मंत्रालय की टीम भी सहयोग करेगी।
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बेल्जियम के साथ प्रत्यर्पण संधि की पहली परीक्षा
सूत्रों के मुताबिक, मेहुल चोकसी 2023 से बेल्जियम में रह रहा है। वह एंटीगुआ और बारबुडा से चिकित्सा इलाज के लिए बेल्जियम आया था। उसकी पत्नी बेल्जियम की नागरिक हैं। जनवरी 2024 में सीबीआई को चोकसी के बेल्जियम में होने की जानकारी मिली। इसके बाद भारत ने वहां प्रत्यर्पण का अनुरोध भेजा। भारत और बेल्जियम के बीच 2020 में प्रत्यर्पण संधि हुई थी और यह पहला मामला होगा जो इस संधि के तहत चलाया जाएगा।
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अप्रैल 2025 में चोकसी को बेल्जियम पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन वहां की अदालतों ने उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। सीबीआई ने इस मामले के लिए एक यूरोपीय लॉ फर्म की मदद ली है, जो प्रत्यर्पण मामलों में विशेषज्ञ है। सीबीआई की एक टीम बेल्जियम में मौजूद रहेगी ताकि दस्तावेज, साक्ष्य और जरूरी जानकारी अदालत को दे सके। एजेंसी ने बेल्जियम अधिकारियों को चार्जशीट, एफआईआर और सबूत सौंपे हैं ताकि यह साबित किया जा सके कि भारत में लगे आरोप बेल्जियम में भी अपराध माने जाते हैं। इसे दोहरे अपराध सिद्धांत कहा जाता है, जो प्रत्यर्पण के लिए जरूरी है। मेहुल चोकसी के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और खातों में गड़बड़ी, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। ये अपराध बेल्जियम के कानून में भी शामिल हैं।


अभी भी भारतीय नागरिक है मेहुल चोकसी
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध (यूएनटीओसी) और भ्रष्टाचार विरोधी कन्वेंशन (यूएनसीएसी) का हवाला भी अपने अनुरोध में दिया है। सीबीआई ने बेल्जियम को मुंबई की विशेष अदालत की तरफ से 2018 और 2021 में जारी दो खुले गिरफ्तारी वारंट भी उपलब्ध कराए हैं। 

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भारत ने यह भी दलील दी है कि मेहुल चोकसी अभी भी भारतीय नागरिक है। उसने 2017 में एंटीगा और बारबुडा की नागरिकता ली थी, लेकिन भारतीय नागरिकता त्यागने की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं की। मेहुल चोकसी 4 जनवरी 2018 को भारत छोड़कर भाग गया, ठीक कुछ दिन पहले जब पीएनबी घोटाला सार्वजनिक हुआ।
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