VP India: 12 सितंबर को उपराष्ट्रपति का पद ग्रहण करेंगे सीपी राधाकृष्णन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिलाएंगी शपथ
Vice President Of India: देश के नए उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में जीत हासिल करने वाले सीपी राधाकृष्णन 12 सितंबर को पद ग्रहण करेंगे। उन्होंने मंगलवार को हुए चुनाव में विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराकर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उन्हें कुल 452 वोट मिले थे।
विस्तार
देश के निर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 12 सितंबर को पद की शपथ ले सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को राधाकृष्णन को शपथ दिलाएंगी। राष्ट्रपति भवन में 12 सितंबर को एक औपचारिक समारोह में शपथ ग्रहण संपन्न होगा। 67 वर्षीय राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराकर जीत हासिल की थी। यह चुनाव तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को अचानक दिए गए इस्तीफे के बाद कराया गया था।
उपराष्ट्रपति चुनाव में 14 सांसदों ने की क्रॉस वोटिंग
संसद भवन में मंगलवार को हुए मतदान में राधाकृष्णन को 752 वैध मतों में से प्रथम वरीयता के 452 वोट मिले थे, जबकि रेड्डी को प्रथम वरीयता के महज 300 वोट ही मिले थे। 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद मतदाता होते हैं। देश में 17 बार उपराष्ट्रपति पद का चुनाव हुआ जिसमें सर्वपल्ली राधाकृष्णन और हामिद अंसारी दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे।
उपराष्ट्रपति चुनाव में 98.2 फीसदी मतदान
निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने बताया, 781 मतदाताओं में से 98.2 फीसदी यानी 767 ने मतदान किया। इनमें 15 वोट अवैध पाए गए जिससे वैध मतों की संख्या 752 रह गई। वहीं एक डाक मत को रद्द घोषित कर दिया गया क्योंकि संबंधित सांसद ने वोट डालने से इन्कार किया है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य होते हैं। इनमें 245 राज्यसभा से और 543 लोकसभा से हैं। राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य भी चुनाव में मतदान करने के पात्र होते हैं। लेकिन वर्तमान में निर्वाचक मंडल की संख्या 781 है क्योंकि राज्यसभा में छह और लोकसभा में एक सीट रिक्त है।
जीत के लिए चाहिए थे 377 वोट
भाजपा न सिर्फ विपक्षी इंडी गठबंधन में सेंध लगाने में कामयाब रही, बल्कि भाजपा-कांग्रेस से समान दूरी की नीति अपनाने वाले दलों के मतदाताओं के बड़े हिस्से को भी अपने पक्ष में करने में कामयाब रही। बीजू जनता दल, भारत राष्ट्र समिति, अकाली दल व एक निर्दलीय समेत कुल 13 सांसदों के मतदान से दूरी बरतने व एक डाकमत रद्द होने के कारण कुल मतदाताओं की संख्या 767 रह गई थी। इनमें भी 15 मत अवैध पाए गए। इसके बाद जीत के लिए जरूरी मतों की संख्या 377 रह गई थी। राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन को जीत के लिए जरूरी मतों से 75 मत अधिक मिले।
संख्या बल की दृष्टि से देखें तो राजग उम्मीदवार को गठबंधन के 427 वोट मिलने थे। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी के 11 सांसदों ने राजग उम्मीदवार का समर्थन किया। इस प्रकार यह संख्या 438 तक पहुंची। लेकिन राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन को विपक्ष के 14 सांसदों ने भी वोट दिया जिससे उनके मतों की संख्या 452 पहुंच गई। जहां तक अवैध मतों का सवाल है, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये मत किस गठबंधन से जुड़े सांसदों के थे। वैसे सूत्रों का कहना है कि इनमें ज्यादातर विपक्षी गठबंधन के सदस्य थे।
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सुदर्शन रेड्डी को संख्या से 24 वोट कम मिले
लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर इंडिया ब्लॉक के दलों की सदस्य संख्या 324 है। इसके बावजूद उसके उम्मीदवार रेड्डी को सिर्फ 300 वोट ही मिले। अगर 14 क्रॉस वोटिंग वालों को हटा दें तो जाहिर है कि अवैध घोषित होने वाले 10 मत निश्चित रूप से विपक्षी सांसदों के थे।
विश्वास है कि राधाकृष्णन उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति साबित होंगे- पीएम मोदी
सीपी राधाकृष्णन को चुनाव जीतने पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति साबित होंगे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, सीपी राधाकृष्णन जी को 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए बधाई। उनका जीवन हमेशा समाज की सेवा और गरीबों व हाशिये पर पड़े लोगों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे, जो हमारे सांविधानिक मूल्यों को मजबूत करेंगे और संसदीय संवाद को आगे बढ़ाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी ने बुधवार को यहां नए महाराष्ट्र सदन में नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें उनकी जीत पर बधाई दी। बी सुदर्शन रेड्डी ने एनडीए के राधाकृष्णन के खिलाफ संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा और मंगलवार को वह सीधे मुकाबले में चुनाव हार गए। सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के तुरंत बाद एक बयान में बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि हालांकि परिणाम उनके पक्ष में नहीं था, लेकिन जिस बड़े उद्देश्य को हमने सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया, वह अब भी बरकरार है। बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, वैचारिक लड़ाई और अधिक जोश के साथ जारी है। मैं अपने महान गणराज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अटूट विश्वास के साथ इस परिणाम को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं।
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