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RTI: 1.34 करोड़ एनआरआई में से 66 प्रतिशत से अधिक खाड़ी देशों में रहते हैं, आरटीआई के जवाब में हुआ खुलासा
Thu, 27 Jul 2023 08:52 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नागपुर।
पीटीआई, नागपुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 27 Jul 2023 08:52 PM IST
सार
नागपुर स्थित बैंकर अभय कोलारकर ने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आईएस और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) से संबंधित डाटा मांगा। मंत्रालय का जवाब जून के आखिरी सप्ताह में उनके पास पहुंचा।
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भारतीय विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
विस्तार
विदेश मंत्रालय ने एक आरटीआई जवाब में बताया है कि अनुमानित 1.34 करोड़ अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) में से 66 प्रतिशत से अधिक संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में रहते हैं। मंत्रालय ने कहा, ये आंकड़े मार्च 2022 तक का है। बता दें कि एनआरआई भारतीय नागरिक होते हैं जो सामान्यतः भारत से बाहर रहते हैं लेकिन उनके पास भारतीय पासपोर्ट होता है।
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नागपुर स्थित बैंकर अभय कोलारकर ने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आईएस और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) से संबंधित डाटा मांगा था और मंत्रालय का जवाब जून के आखिरी सप्ताह में उनके पास पहुंचा। अपने आरटीआई जवाब में मंत्रालय ने कहा कि अनुमानित 1.34 करोड़ लोग 210 देशों में रहते हैं। इनमें से 88.8 लाख प्रवासी भारतीय छह खाड़ी देशों में रहते हैं। जबकि 34.1 लाख संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं, 25.9 लाख सऊदी अरब में रहते हैं, इसके बाद कुवैत में 10.2 लाख, कतर में 7.4 लाख, ओमान में 7.7 और बहरीन में 3.2 लाख लोग रहते हैं।
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कोलारकर ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस डाटा से उन लोगों की संख्या का अंदाजा लगाया जा सके जो युद्ध या विदेशी धरती पर मानवीय संकट की स्थिति में प्रभावित हो सकते हैं। आरटीआई जवाब के अनुसार, 12.8 लाख लोग अमेरिका में रहते हैं। ब्रिटेन में यह संख्या 3.5 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 2.4 लाख, मलयेशिया में 2.2 लाख और कनाडा में 1.7 लाख हैं। हालांकि, खाड़ी देशों में बहुत कम पीआईओ हैं, जबकि अमेरिका में ऐसे व्यक्ति अधिक हैं।
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पीआईओ वह व्यक्ति होता है जिसके पूर्वज भारतीय नागरिक थे और जिनके पास वर्तमान में किसी अन्य देश की नागरिकता या राष्ट्रीयता है यानी उनके पास विदेशी पासपोर्ट है। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि 31 लाख के साथ अमेरिका में अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा पीआईओ हैं। इसके बाद मलयेशिया में 27.6 लाख, म्यांमार में 20 लाख, श्रीलंका में 16 लाख और कनाडा में 15.1 लाख लोग हैं।