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नासिक TCS मामला: 'लंबे अरसे से चल रहा था उत्पीड़न और धर्मांतरण का खेल'; पूर्व कर्मचारी ने सुनाई भयावह हकीकत
Thu, 16 Apr 2026 10:55 PM IST
Shivam Garg
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक (मुंबई)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक (मुंबई)
Published by: Shivam Garg
Updated Thu, 16 Apr 2026 10:55 PM IST
सार
एक बड़े आईटी दफ्तर के भीतर सच में कोई समानांतर सिस्टम चल रहा था? पूर्व कर्मचारी के दावों के बाद ऑफिस के माहौल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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टीसीएस नासिक
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के ऑफिस माहौल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मानसिक उत्पीड़न, यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं का दावा किया गया है, जिससे आईटी सेक्टर में हलचल मच गई है।
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एक पूर्व कर्मचारी ने एनडीटीवी को दिए बयान में दावा किया है कि कंपनी के टीम लीडर अपने डेस्क का उपयोग आधिकारिक काम के बजाय महिला सहकर्मियों के मानसिक और नैतिक शोषण के लिए करते थे। इन आरोपों ने भारत की सबसे बड़ी आईटी फर्मों में से एक के भीतर एक धर्मांतरण सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न नेटवर्क के संचालन की ओर इशारा किया है।
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अश्लील भाषा का प्रयोग और अपमानजनक व्यवहार
पूर्व कर्मचारी के अनुसार आरोपियों द्वारा महिलाओं को बुलाने का तरीका पूरी तरह से अश्लील था। उन्होंने कहा 'सभी आरोपी, विशेष रूप से उनके संवाद का तरीका, पूरी तरह से अश्लील था। लड़कियों को टीएल डेस्क पर बुलाया जाता था और ऐसी आपत्तिजनक भाषा का सामना करना पड़ता था जिसकी किसी भी पेशेवर या वाणिज्यिक कार्यालय में कल्पना भी नहीं की जा सकती।
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धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी आरोप
मुख्य आरोपी, तौसीफ अत्तर पर हिंदू धार्मिक प्रथाओं को निशाना बनाने का आरोप है। पूर्व कर्मचारी ने बताया कि त्यौहारों के दौरान जब महिला कर्मचारी साड़ी या बिंदी पहनती थीं, तो उन्हें लगातार अपमानित किया जाता था। उनके मुताबिक 'सभी त्यौहारों पर, जब हम साड़ी पहनते थे, तो वह हमारी वेशभूषा और धर्म पर सवाल उठाते थे। जब हम जाते थे, तो वह ऐसी टिप्पणियां करते थे कि हम सोचने लगते थे कि एक टीम लीडर दूसरे धर्म का इतना उपहास कैसे कर सकता है।'
पूर्व कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि कृष्णा नामक एक सहकर्मी कार्यालय में रुद्राक्ष की माला पहनता था और बाद में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया। एक अन्य खुलासा निदा खान से जुड़ा है, जो जांच के दायरे में हैं। पूर्व कर्मचारी के अनुसार, खान एक एचआर अधिकारी नहीं बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थीं।
'वीकेंड पर होटल और रिसॉर्ट बुक किए जाते थे'
पूर्व कर्मचारी ने दावा किया है कि डेनिश और रजा नामक दो कर्मचारियों द्वारा वीकेंड पर होटल और रिसॉर्ट बुक किए जाते थे। इसके बाद युवा महिला कर्मचारियों पर उनके साथ शामिल होने का दबाव बनाया जाता था। गवाह ने पूरे माहौल को विषाक्त बताते हुए कहा कि कंपनी छोड़ने के बाद अब वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। पूर्व कर्मचारी ने यह भी सवाल उठाया कि इतने बड़े कॉर्पोरेट संगठन में वरिष्ठ प्रबंधन को इस कथित समानांतर व्यवस्था की जानकारी कैसे नहीं हुई।
आठ महिलाओं के आरोप और सुप्रीम कोर्ट तक मामला
यह आरोप केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आठ महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण के दावों का हिस्सा हैं। इस मामले से जुड़ी एक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस जांच और SIT का गठन
नासिक पुलिस इस पूरे मामले में नौ शिकायतों की जांच कर रही है, जो फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच दर्ज की गई हैं। जांच को तेज करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया गया है।
अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डेनिश शेख, तौसीफ अत्तर, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एचआर मैनेजर निदा खान शामिल हैं। वहीं एक अन्य महिला कर्मचारी फिलहाल लापता बताई जा रही है। सभी आरोपियों को कंपनी ने निलंबित कर दिया है।