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LS Election : विपक्षी एकता को लेकर पूर्व पीएम देवेगौड़ा की कांग्रेस को नसीहत, कहा- पहले अपना घर ठीक करना चाहिए

Sun, 02 Apr 2023 12:11 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 02 Apr 2023 12:11 PM IST
सार

कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में जद (एस) की संभावनाओं से उत्साहित वरिष्ठ नेता देवेगौड़ा ने कहा कि यह चुनाव इस साल अन्य राज्यों के चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेगा।

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Ex PM Deve Gowda says Congress should set its house in order for role in opposition unity ahead of LS poll
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता बनाने की चल रही चर्चा के बीच जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने रविवार को कांग्रेस को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपना घर ठीक करना चाहिए। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के सामने कई विकल्प हैं और इस देश के पास नेतृत्व की कोई कमी नहीं है।

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कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में जद (एस) की संभावनाओं से उत्साहित वरिष्ठ नेता देवेगौड़ा ने कहा कि यह चुनाव इस साल अन्य राज्यों के चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए दिशा तय करेगा। हालांकि, देवेगौड़ा उम्र संबंधी बीमारियों के कारण सक्रिय चुनाव प्रचार से अभी दूर हैं।
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दो राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस में एक कठिन चुनावी लड़ाई के बीच गौड़ा ने अपनी पार्टी जद (एस) के सत्ता में आने का विश्वास व्यक्त किया और कहा कि हमारी पार्टी "एक समावेशी सामाजिक और विकास दृष्टि, पंचरत्न कार्यक्रम" के नाम पर वोट मांग रही है। पार्टी संरक्षक ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी पुराने मैसूरु क्षेत्र तक 'सीमित' है, यह कहना राष्ट्रीय दलों का "चतुर प्रचार" है। पीटीआई के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टियां लंबे और झूठे दावे करती हैं। आइए जानते हैं साक्षात्कार के दौरान उन्होंने और क्या कहा...
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सवाल: आप आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जद (एस) की संभावनाओं को कैसे देखते हैं? जद (एस) की रणनीति और अभियान में किस बात पर ध्यान दिया जा रहा है?
जवाब:  मेरी पार्टी पूरे कर्नाटक में अच्छा प्रदर्शन करेगी। बहुत सारे लोग जो निंदक हैं और केवल दो राष्ट्रीय दलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, परिणाम से आश्चर्यचकित होंगे। हम विभाजनकारी एजेंडे के लिए वोट नहीं मांग रहे हैं। हम एक समावेशी सामाजिक और विकास दृष्टि पंचरत्न कार्यक्रम के नाम पर वोट मांग रहे हैं। मेरी पार्टी सत्ता में आएगी और हम इस कार्यक्रम को लागू करेंगे। हमारे नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस कार्यक्रम को प्रचारित करने के लिए अभी-अभी राज्यव्यापी दौरा पूरा किया है। उन्हें लोगों की  जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। हमारी पार्टी की रणनीति बहुत सरल है 'कड़ी मेहनत करो और लोगों के साथ ईमानदार रहो, उन्हें झांसा नहीं दो और उन्हें विभाजित नहीं करो।

सवाल: कुछ हलकों में यह धारणा है कि जद(एस) पुराने मैसूरु से आगे अपने आधार का पर्याप्त विस्तार नहीं कर पाई है, उस मोर्चे पर क्या किया जा रहा है?
जवाब:  हम एक क्षेत्र तक सीमित हैं, यह राष्ट्रीय दलों का एक 'चतुर प्रचार' है। मेरी पार्टी में हमेशा पूरे राज्य और समुदायों के विधायक रहे हैं। मैं जो कह रहा हूं उसे समझने के लिए किसी को 1999 के बाद से विधायकों और निर्वाचन क्षेत्रों की सूची देखनी होगी। हां यह बात है कि, मैसूरु क्षेत्र से हमें ज्यादा समर्थन मिला है और हम इसके लिए आभारी हैं। इस बार हम राज्य के सभी क्षेत्रों में पहले से कहीं अधिक सफल होंगे। एक मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में मैंने सबके लिए काम किया है, मैंने कभी क्षेत्रों के बीच भेदभाव नहीं किया। निहित स्वार्थों के लिए झूठ फैलाया जा रहा। अपने करियर में मैंने झूठ का मुकाबला करने के लिए महंगी पीआर एजेंसियों को कभी काम पर नहीं रखा। भगवान और जिन लोगों ने मुझे 60 से अधिक वर्षों तक पाला है, वे सच्चाई जानते हैं।
 
सवाल: जद (एस) ने अपने दम पर सरकार बनाने के लिए 123 सीटों का लक्ष्य रखा है। कुछ आलोचकों का कहना है कि यह अवास्तविक है। क्या आपको विश्वास है कि आप इतनी सीटें जीत पाएंगे?
जवाब:  हमारी कड़ी मेहनत और विकास दृष्टि हमें विश्वास दिलाती है। मैं अपने आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों की सनक की परवाह नहीं करता।

सवाल: राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस के बारे में आपका क्या ख्याल है, और जब वे कर्नाटक में सत्ता में थे, तब उन्होंने क्या किया।
जवाब:  मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमारे नेता एचडी कुमारस्वामी और सी एम इब्राहिम (जेडीएस प्रदेश अध्यक्ष) इस पर उचित विश्लेषण पेश कर सकते हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि राष्ट्रीय दलों को बड़े-बड़े और झूठे दावे करने की आदत हो गई है। यह लोगों ने उनके तमाशे और झूठ के माध्यम से देखा है।

सवाल: कर्नाटक चुनाव कितने महत्वपूर्ण हैं और राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य पर इसके परिणाम का क्या प्रभाव पड़ने वाला है?
जवाब:  कर्नाटक इस साल अन्य राज्यों के चुनावों और 2024 में होने वाले संसदीय चुनावों के लिए दिशा तय करेगा। उसने हमेशा ऐसा किया है और इस बार भी करेगा।


सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके प्रदर्शन पर आपकी क्या राय है, क्योंकि वह जल्द ही नौ साल के कार्यालय को पूरा करने वाले हैं, और भारत में उनके शासन में लोकतंत्र के बारे में बहस चल रही है?
जवाब:  मैंने सभी मुद्दों पर राज्यसभा में भाग लिया, चाहे वह कृषि मुद्दे हों, कृषि कानून हों, कोविड हों, केंद्रीय बजट हों, अर्थव्यवस्था हों, उत्तर-पूर्व, कश्मीर आदि हों, मैंने विस्तार से बात की है। यह संसद में और मेरे सोशल मीडिया अकाउंट पर ऑन रिकॉर्ड है। अगर कोई उन्हें देखने देखता है तो उन्हें पता चल जाएगा कि केंद्र में भाजपा सरकार के बारे में मेरा आकलन क्या है। मैंने हमेशा अपने काम को गंभीरता से लिया है और 91 साल की उम्र में भी करता रहूंगा। इस देश में कांग्रेस पार्टी ही एकमात्र विपक्षी पार्टी नहीं है।

सवाल: आपको क्या लगता है कि 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विपक्षी एकता बनाने में कांग्रेस की क्या भूमिका निभानी चाहिए?
जवाब:  पहले कांग्रेस को अपना घर ठीक करना चाहिए। विपक्षी पार्टियों के सामने कई विकल्प हैं और इस देश के पास नेतृत्व का खजाना है।

सवाल: मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसद के रूप में राहुल गांधी की अयोग्यता पर आपका क्या विचार है?
जवाब:  मैं अलग से कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मेरी पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर पहले ही बोल चुके हैं। मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सवाल: क्या आपको अभी भी लगता है कि जनता परिवार और तीसरे मोर्चे के पुनरुद्धार की संभावना है, या यह एक बंद अध्याय है?
जवाब: सब कुछ संभव है। सब कुछ से मेरा मतलब सब कुछ है। मैं तीसरे या चौथे मोर्चे में विश्वास नहीं करता, मेरा मानना है कि हम जो कुछ भी करेंगे, हम इस राष्ट्र और लोकतंत्र की रक्षा करने वाले पहले मोर्चे होंगे।

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