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ISRO: गगनयान मिशन में इसरो की मदद करेंगे पूर्व नौसेना अधिकारी अभिलाष टॉमी, जानें क्या है उनकी उपलब्धि
Wed, 23 Aug 2023 12:22 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, कोच्चि।
पीटीआई, कोच्चि।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 23 Aug 2023 12:22 PM IST
सार
गगनयान इसरो की एक प्रमुख परियोजना है। इसके तहत तीन सदस्यों के एक दल को तीन दिनों के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में लॉन्च करके और समुद्री जल में उतारकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के प्रदर्शन की परिकल्पना करना है।
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पूर्व नौसेना अधिकारी कमांडर अभिलाष टॉमी।
- फोटो : Twitter/Cdr Abhilash Tomy
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विस्तार
पूर्व नौसेना अधिकारी और अकेले दुनिया की जलयात्रा कर प्रतिष्ठित गोल्डन ग्लोब रेस-2022 में दूसरे स्थान पर रहनेवाले केरल के कमांडर अभिलाष टॉमी भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के लिए इसरो की मदद करेंगे। टॉमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह गगनयान के संबंध में अंतरिक्ष परिभ्रमण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वह भारतीय नौसेना के साथ उनके अगले जलयात्रा प्रयास पर भी काम करेंगे।
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उन्होंने हैशटैग गगनयान के साथ ट्वीट किया, मैं नौसेना के साथ उनके अगले जलयात्रा प्रयास के लिए काम करूंगा। इसके अलावा, मैं भारत के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन में इसरो की भी मदद कर रहा हूं। एक साथ समुद्र और अंतरिक्ष परिभ्रमण के लिए सलाहकार बनकर रोमांचित महसूस कर रहा हूं। दोनों मेरे दिल के बहुत करीब हैं। सचमुच, साहसिक कार्य का एक अज्ञात परिणाम होता है।
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गगनयान इसरो की एक प्रमुख परियोजना है। इसके तहत तीन सदस्यों के एक दल को तीन दिनों के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में लॉन्च करके और समुद्री जल में उतारकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के प्रदर्शन की परिकल्पना करना है।
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टॉमी ने इस साल अप्रैल में प्रतिष्ठित गोल्डन ग्लोब रेस-2022 को पूरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा था। सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी चार सितंबर, 2022 को फ्रांस के लेस सेबल्स-डी'ओलोन से शुरू हुई एकल विश्व नौकायन प्रतियोगिता की दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे। इससे पहले, उन्होंने 2018 में गोल्डन ग्लोब की 50वीं वर्षगांठ संस्करण में भाग लिया था, लेकिन उस वर्ष की दौड़ में जब वह तीसरे स्थान पर थे तो एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। एक तूफान में उनकी नाव क्षतिग्रस्त हो गई थी और खुले समुद्र में 82 दिन सफलतापूर्वक बिताने के बाद इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। जटिल अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बाद टॉमी को बचाया गया था।