{"_id":"58ca7d644f1c1b6b3732c212","slug":"evm-should-be-used-in-delhi-mcd-elections-people-said-in-amar-ujala-poll","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला पोल: 64.15% की राय, दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM का प्रयोग हो","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमर उजाला पोल: 64.15% की राय, दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM का प्रयोग हो
amarujala.com, विकास जांगड़ा
Updated Thu, 16 Mar 2017 06:26 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला पोल का दूसरे दिन का परिणाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
11 मार्च यानि जब से चुनाव परिणाम आए हैं तब से हार और जीत पर काफी चर्चा हो रही है। जीतने वाले जहां जश्न में डूबे हैं, वहीं हारने वालों ने भी कारण तलाशने शुरू कर दिए। इन कारणों में एक कारण ऐसा भी 'तलाशा' गया जिसके बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। कहा गया कि ईवीएम यानि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ की गई, जिससे की हार और जीत पहले से तय कर दी गई। हार के इस कारण में कितनी सच्चाई है इस पर बहस और चर्चा का दौर जारी है। इस कारण को परिणाम आने के तुरंत बाद सबसे पहले मायावती ने 'उजागर' किया। इसी राह पर केजरीवाल भी चल पड़े। उन्होंने तो हार के इस कारण पर बकायदा सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी बात रखी।
केजरीवाल ने अपनी बात के लिए आधार रखते हुए कहा कि विकसित देशों ने भी ईवीएम को त्याग दिया है क्या हमें इस पर दोबारा नहीं सोचना चाहिए। साथ ही केजरीवाल ने ये भी कहा कि चुनाव को अवैध करार देने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है, लेकिन ये भविष्य के लिए है ताकि चुनाव आयोग में लोगों का भरोसा बना रहे। केजरीवाल चाहते हैं कि भविष्य में होने वाले एमसीडी चुनाव ईवीएम से नहीं बैलेट पेपर से हों।
तो सवाल उठता है कि क्या ऐसा होना चाहिए। इसके लिए अमर उजाला ने ऑनलाइन एक पोल आयोजित किया। सवाल वही था, 'क्या दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का प्रयोग होना चाहिए?' इस पोल पर दूसरे दिन भी लोगों ने चुनाव के लिए ईवीएम को ही चुना।
विज्ञापन
पोल के दूसरे दिन के परिणाम कुछ इस प्रकार हैं-
पोल में कुल 32247 लोगों ने भाग लिया।
64.15% यानि 20687 लोगों का मानना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मतलब दिल्ली एमसीडी चुनाव में ईवीएम का ही प्रयोग हो।
वहीं, 34.77% यानि 11212 लोगों का कहना है कि दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का प्रयोग होना चाहिए।
जबकि, 1.08% यानि 348 लोग इस बारे में कोई राय नहीं रखते।
विज्ञापन
केजरीवाल ने अपनी बात के लिए आधार रखते हुए कहा कि विकसित देशों ने भी ईवीएम को त्याग दिया है क्या हमें इस पर दोबारा नहीं सोचना चाहिए। साथ ही केजरीवाल ने ये भी कहा कि चुनाव को अवैध करार देने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है, लेकिन ये भविष्य के लिए है ताकि चुनाव आयोग में लोगों का भरोसा बना रहे। केजरीवाल चाहते हैं कि भविष्य में होने वाले एमसीडी चुनाव ईवीएम से नहीं बैलेट पेपर से हों।
विज्ञापन
तो सवाल उठता है कि क्या ऐसा होना चाहिए। इसके लिए अमर उजाला ने ऑनलाइन एक पोल आयोजित किया। सवाल वही था, 'क्या दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का प्रयोग होना चाहिए?' इस पोल पर दूसरे दिन भी लोगों ने चुनाव के लिए ईवीएम को ही चुना।
विज्ञापन
पोल के दूसरे दिन के परिणाम कुछ इस प्रकार हैं-
पोल में कुल 32247 लोगों ने भाग लिया।
64.15% यानि 20687 लोगों का मानना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मतलब दिल्ली एमसीडी चुनाव में ईवीएम का ही प्रयोग हो।
वहीं, 34.77% यानि 11212 लोगों का कहना है कि दिल्ली एमसीडी चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का प्रयोग होना चाहिए।
जबकि, 1.08% यानि 348 लोग इस बारे में कोई राय नहीं रखते।