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सभी जानते हैं कि पाकिस्तान आतंक का गढ़ है: अमेरिकी विदेश मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 31 Aug 2016 05:46 AM IST
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के बीच रणनीतिक-वाणिज्यिक वार्ता
- फोटो : pti
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भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान में उपज रही आतंकवाद की फसल को जड़ से खत्म करने को लेकर इस्लामाबाद को कड़ा संदेश दिया है। भारत-अमेरिका रणनीतिक-वाणिज्यिक वार्ता के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर कोई इस बात से वाकिफ है कि लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क पाकिस्तान से ही संचालित होता है। पाकिस्तान को आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अपनाने से बाज आने और मुंबई-पठानकोट आतंकी हमले मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इन आतंकी हमला मामले में भारत और अमेरिका न्याय दिलाने के लिए साथ मिलकर हरसंभव विकल्प आजमाएंगे।
भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के सवाल पर कैरी ने कहा कि भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मसले पर अमेरिका ने भारत के साथ मजबूत भागीदारी का कदम उठाया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ बात की है और उनसे कहा है कि पाकिस्तान को किसी भी आतंकी समूह की शरणस्थली बनने से बचना होगा।’
भारत-अमेरिका रणनीतिक-वाणिज्यिक वार्ता के दूसरे दौर के प्लेनरी सत्र में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने वाणिज्यिक हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा के साथ ही सहमति जताई कि आतंकवाद से मुकाबले की दिशा में दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की अपार संभावनाएं हैं।
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भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के सवाल पर कैरी ने कहा कि भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मसले पर अमेरिका ने भारत के साथ मजबूत भागीदारी का कदम उठाया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ बात की है और उनसे कहा है कि पाकिस्तान को किसी भी आतंकी समूह की शरणस्थली बनने से बचना होगा।’
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भारत-अमेरिका रणनीतिक-वाणिज्यिक वार्ता के दूसरे दौर के प्लेनरी सत्र में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने वाणिज्यिक हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा के साथ ही सहमति जताई कि आतंकवाद से मुकाबले की दिशा में दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की अपार संभावनाएं हैं।
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पठानकोट और मुंबई हमले के दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे
आतंकवाद से मुकाबले के क्षेत्र में अपार संभावनाएं: अमेरिका
सुषमा स्वराज और कैरी की ओर से जारी साझा बयान में दोनों देशों ने भारत-अमेरिकी संबंधों को मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई। सुषमा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कैरी को पाकिस्तान से सीमा-पार आतंकवाद के बाद में जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। अच्छा या बुरा आतंकवाद नहीं होता, बल्कि सिर्फ आतंकवाद होता है। पाकिस्तान को लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और डी-कंपनी के लिए सुरक्षित शरणस्थली की छवि मिटानी होगी।’
कैरी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका दोनों के बीच साझेदारी मजबूत हुई है। हम आतंकवाद पर सूचनाएं साझा करने में और तेजी दिखाने, संयुक्त साइबर क्राइम फ्रेमवर्क स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। बीते दो साल में विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के मामले में दोनों देशों ने लंबा सफर तय किया है। भविष्य में दोनों देशों की बीच रणनीतिक-व्यापारिक साझेदारी और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। अच्छा या बुरा आतंकवाद नहीं होता, बल्कि सिर्फ आतंकवाद होता है। पाकिस्तान को लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और डी-कंपनी के लिए सुरक्षित शरणस्थली की छवि मिटानी होगी।’
कैरी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका दोनों के बीच साझेदारी मजबूत हुई है। हम आतंकवाद पर सूचनाएं साझा करने में और तेजी दिखाने, संयुक्त साइबर क्राइम फ्रेमवर्क स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। बीते दो साल में विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के मामले में दोनों देशों ने लंबा सफर तय किया है। भविष्य में दोनों देशों की बीच रणनीतिक-व्यापारिक साझेदारी और मजबूत होगी।