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India-EU Relation: दिल्ली पहुंचीं यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला, कहा- यूरोप को भारत जैसे भरोसेमंद देश की जरूरत

Thu, 27 Feb 2025 10:23 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 27 Feb 2025 10:23 PM IST
सार

वॉन डेर लेयेन के नेतृत्व में यूरोपीय देशों के कॉलेज ऑफ कमिश्नर यानी वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को भारत पहुंचा। ईयू प्रतिनिधिमंडल की शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होगी। इसमें भारत और यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत होने की उम्मीद है।

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European Union chief Ursula reached Delhi, said- Europe needs a trustworthy country like India
विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करतीं यूरोपीय संघ की प्रमुख। - फोटो : PTI

विस्तार

यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन गुरुवार को भारत पहुंचीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। भारत आने के बाद यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला ने एक्स पर लिखा कि संघर्ष और कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भरोसेमंद मित्रों की जरूरत होती है और यूरोप के लिए भारत एक ऐसा ही मित्र और रणनीतिक सहयोगी है। 

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वॉन डेर लेयेन के नेतृत्व में यूरोपीय देशों के कॉलेज ऑफ कमिश्नर यानी वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को भारत पहुंचा। ईयू प्रतिनिधिमंडल की शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होगी। इसमें भारत और यूरोप के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत होने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली पहुंचने के बाद उर्सुला लेयेन ने साफ किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच यूरोप को भारत में एक भरोसेमंद मित्र नजर आ रहा है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बात पर चर्चा करूंगी कि हमारी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर कैसे ले जाया जाए।  गौरतलब है कि ट्रंप ने हाल में यूरोपीय संघ से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देते हुए कहा था कि ईयू की गठन ही अमेरिका को परेशान करने के लिए किया गया था। 
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वॉन डेर लेयेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को होने वाली व्यापक वार्ता में लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मजबूत करने और रक्षा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों पक्ष रूस-यूक्रेन संघर्ष, भारत-प्रशांत की स्थिति और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। मोदी और ईयू प्रतिनिधियों की वार्ता के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी होने की भी उम्मीद है।

विदेश मंत्री जयशंकर से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष से मुलाकात की और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बाद में एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव को फिर से सक्रिय करने के उनके विचारों की सराहना करते हैं। उन्होंने आगे लिखा, इस यात्रा के दौरान भारतीय मंत्रियों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की व्यापक भागीदारी दर्शाती है हम भारत-यूरोपीय संघ के गहरे संबंधों को कितना महत्व देते हैं।

European Union chief Ursula reached Delhi, said- Europe needs a trustworthy country like India
राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देतीं यूरोपीय संघ की प्रमुख। - फोटो : PTI

साझेदारी बढ़ाने में ठोस प्रगति की उम्मीद
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईयू के साथ साझेदारी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम व्यापार और रक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुछ ठोस प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच एफटीए पर विचार-विमर्श की उम्मीद है क्योंकि हमें जल्द से जल्द एक पारस्परिक लाभकारी सौदे की आवश्यकता है। यूरोपीय संघ अपनी तरफ से स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार में अनुचित बाधाओं के खिलाफ दृढ़ता से और तुरंत प्रतिक्रिया देने की बात कह चुका है। दोनों पक्षों का मानना है कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता आर्थिक जुड़ाव को काफी हद तक बढ़ाएगा।

कार, शराब और कृषि उत्पादों पर कम टैरिफ के पक्ष में है ईयू
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूरोपीय संघ चाहता है कि भारत कारों, शराब और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करे और भारत को भी ईयू से कुछ अपेक्षाएं हैं। दोनों पक्ष रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विस्तार के तरीकों की भी तलाश करेंगे। अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष सूचना सुरक्षा समझौते को मजबूत करने की प्रक्रिया में हैं। इससे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए रूपरेखा तैयार होगी। रक्षा संबंधों को बढ़ाने के क्रम में यूरोपीय संघ की तरफ से जल्द ही भारत के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की उम्मीद है।

वस्तुओं की सबसे बड़ी व्यापारिक साझेदारी
वित्तीय वर्ष 2023-24 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें यूरोपीय संघ को निर्यात 76 बिलियन डॉलर और वहां से आयात 59 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। इस तरह से भारत वस्तुओं के मामले में उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2023 में सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 53 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें 30 बिलियन डॉलर का भारतीय निर्यात और 23 बिलियन डॉलर का आयात शामिल है, जो सेवाओं में अब तक का सबसे अधिक व्यापार है।

भारत में करीब छह हजार यूरोपीय कंपनियां
भारत में यूरोपीय संघ के निवेश का मूल्य 117 बिलियन डॉलर से अधिक है, जिसमें लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में मौजूद हैं। यूरोपीय संघ में भारत का निवेश लगभग 40 बिलियन डॉलर है। दोनों पक्ष 2021 में शुरू की गई भारत-यूरोपीय संघ कनेक्टिविटी साझेदारी के तहत कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए भी उत्सुक हैं। साझेदारी ने तीसरे देशों सहित कनेक्टिविटी पर सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को भी रेखांकित किया।


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