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Maharashtra: फेस एप पर पंजीकृत कर्मचारियों को ही मिलेगा वेतन, 1.5 लाख गोविंदाओं का बीमा कराएगी फडणवीस सरकार
Wed, 23 Jul 2025 10:57 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 23 Jul 2025 10:57 PM IST
सार
महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारी अब 'फेस एप' से ही हाजिरी लगाएंगे, नहीं तो सैलरी नहीं मिलेगी। वहीं राज्य सरकार ने दही हांडी के गोविंदाओं के लिए सुरक्षा बीमा कराने की घोषणा की है। इसमें गोविंदाओं को चोट लगने पर नुकसान की स्थिति के अनुसार अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
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चंद्रशेखर बावनकुले, राजस्व मंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को दो बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ राजस्व विभाग के कर्मचारियों को सैलरी तभी मिलेगी जब वे 'फेस ऐप' से हाजिरी लगाएंगे, वहीं दूसरी ओर दही हांडी में हिस्सा लेने वाले 1.5 लाख 'गोविंदाओं' को ₹10 लाख तक का बीमा देने की घोषणा की गई है।
अब 'फेस ऐप' से हाजिरी जरूरी, तभी मिलेगी सैलरी
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि अगस्त महीने की सैलरी केवल उन्हीं कर्मचारियों को दी जाएगी जो 'फेस ऐप' के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह फैसला जवाबदेही बढ़ानेऔर कार्यालयीन अनुशासन सुनिश्चित करनेके लिए लिया गया है।
यह भी पढ़ें - Gujarat: 'भाजपा का अहंकार-भ्रष्टाचार चरम पर, जनता का गुस्सा ही इसका अंत करेगा', गुजरात में गरजे केजरीवाल
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सरकार की तरफ से जारी किया गया एप
यह एप सरकार की तरफ से जारी किया गया है और जियो-फेंसिंग तकनीक के जरिए यह तय करेगा कि कर्मचारी ऑफिस में मौजूद हैं या नहीं। सैलरी सितंबर में दी जाएगी, लेकिन केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी जो एप से सही हाजिरी लगाएंगे। जल्द ही इस संबंध में एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने रायगढ़ जिले में विभागीय समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार 150 दिन की एक्शन प्लानपर काम कर रही है ताकि विभाग में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।
दही हांडी में हिस्सा लेने वाले 1.5 लाख 'गोविंदाओं' का बीमा
दूसरे बड़े फैसले में राज्य सरकार ने दही हांडी पर्व के दौरान मानव पिरामिडबनाकर भाग लेने वाले युवाओं को बीमा देने का निर्णय लिया है। 1.5 लाख गोविंदाओं का बीमाराज्य सरकार खुद कराएगी। वहीं दुर्घटना में मौत या दोनों अंग गंवाने पर ₹10 लाखका मुआवजा मिलेगा। एक आंख, एक हाथ या एक पैर खोने पर ₹5 लाख दिए जाएंगे। चोट या इलाज के लिए अधिकतम ₹1 लाख तक का मेडिकल खर्च भी बीमे में शामिल होगा।
यह भी पढ़ें - 'तेलंगाना मॉडल अपनाइए': रेवंत रेड्डी की केंद्र को चुनौती, कहा- 42% के OBC आरक्षण की 2029 में होगी अग्निपरीक्षा
पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला
बीमा केवल पंजीकृत गोविंदाओं के लिए होगा। मुंबई की महाराष्ट्र स्टेट गोविंदा एसोसिएशन इन गोविंदाओं की उम्र, प्रशिक्षण और सहभागिता की जांच कर, जानकारी खेल और युवा सेवा विभाग को भेजेगी। यह योजना 16 अगस्त को मनाए जाने वाले दही हांडी उत्सवसे पहले लागू होगी। सरकार ने यह कदम पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
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अब 'फेस ऐप' से हाजिरी जरूरी, तभी मिलेगी सैलरी
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि अगस्त महीने की सैलरी केवल उन्हीं कर्मचारियों को दी जाएगी जो 'फेस ऐप' के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह फैसला जवाबदेही बढ़ानेऔर कार्यालयीन अनुशासन सुनिश्चित करनेके लिए लिया गया है।
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सरकार की तरफ से जारी किया गया एप
यह एप सरकार की तरफ से जारी किया गया है और जियो-फेंसिंग तकनीक के जरिए यह तय करेगा कि कर्मचारी ऑफिस में मौजूद हैं या नहीं। सैलरी सितंबर में दी जाएगी, लेकिन केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी जो एप से सही हाजिरी लगाएंगे। जल्द ही इस संबंध में एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने रायगढ़ जिले में विभागीय समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार 150 दिन की एक्शन प्लानपर काम कर रही है ताकि विभाग में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।
दही हांडी में हिस्सा लेने वाले 1.5 लाख 'गोविंदाओं' का बीमा
दूसरे बड़े फैसले में राज्य सरकार ने दही हांडी पर्व के दौरान मानव पिरामिडबनाकर भाग लेने वाले युवाओं को बीमा देने का निर्णय लिया है। 1.5 लाख गोविंदाओं का बीमाराज्य सरकार खुद कराएगी। वहीं दुर्घटना में मौत या दोनों अंग गंवाने पर ₹10 लाखका मुआवजा मिलेगा। एक आंख, एक हाथ या एक पैर खोने पर ₹5 लाख दिए जाएंगे। चोट या इलाज के लिए अधिकतम ₹1 लाख तक का मेडिकल खर्च भी बीमे में शामिल होगा।
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पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला
बीमा केवल पंजीकृत गोविंदाओं के लिए होगा। मुंबई की महाराष्ट्र स्टेट गोविंदा एसोसिएशन इन गोविंदाओं की उम्र, प्रशिक्षण और सहभागिता की जांच कर, जानकारी खेल और युवा सेवा विभाग को भेजेगी। यह योजना 16 अगस्त को मनाए जाने वाले दही हांडी उत्सवसे पहले लागू होगी। सरकार ने यह कदम पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
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