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Budget 2024: बजट में चुनावी राज्यों को क्या मिला, जानें महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर की स्थिति?

Wed, 24 Jul 2024 06:38 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 24 Jul 2024 06:38 PM IST
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सार
Election States Budget Allocation: इस साल के अंत में तीन राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें बजट अनुमान 2024-25 के तहत केंद्रीय कर से महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा 78.78 हजार करोड़ रुपये मिले हैं।
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Election states Maharashtra Haryana Jharkhand Jammu Kashmir budget allocation 2024
केंद्रीय बजट 2024-25 का अनुमान - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

केंद्रीय बजट 2024 लोकसभा में पेश किया जा चुका है। इस बार बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण  लगातार सात बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन गईं। अभी तक सबसे ज्यादा छह बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड सीतारमण के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम था। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और किसानों से जुड़े कई एलान किए। 


हालांकि, विपक्षी दल बजट को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसके विरोध में उतर आए हैं। बुधवार सुबह विपक्ष ने संसद भवन परिसर में प्लेकार्ड दिखाकर केंद्रीय बजट 2024-25 के खिलाफ प्रदर्शन किया। चुनावी राज्य महाराष्ट्र के तमाम विपक्षी दलों ने बजट को निराशाजनक बताया है। इसी तरह एक अन्य चुनावी राज्य झारखंड में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बजट का विरोध जताया है। आइये जानते हैं कि चुनावी राज्यों के लिए बजट में क्या रहा? 

Budget 2024
Budget 2024 - फोटो : AMAR UJALA
पहले जानते हैं कि इस साल कहां-कहां चुनाव हैं? 
इस साल के अंत में तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये राज्य हैं महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर। अभी महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा नीत एनडीए की सरकार है जबकि झारखंड में महागठबंधन की सरकार है। वहीं जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के निष्प्रभावी होने के बाद से राष्ट्रपति शासन लागू है। 

अब जानते हैं कि चुनावी राज्यों के लिए बजट में क्या रहा?
महाराष्ट्र:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 83 मिनट का बजट भाषण दिया। इस दौरान महाराष्ट्र का कोई उल्लेख नहीं हुआ। हालांकि, बजट दस्तावेज में राज्य के लिए घोषणाएं की गई हैं। विदर्भ और मराठवाड़ा जिलों और महाराष्ट्र के अन्य लंबे समय से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कृषि संकट को दूर करने के लिए सिंचाई परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज का एलान किया गया है। इन क्षेत्रों के लिए बजट में वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए कुल 600 करोड़ रूपये आवंटित किए हैं। 

केंद्र सरकार के पास राज्यों को वितरित करने के लिए केंद्रीय करों और शुल्कों के रूप में ₹1247 हजार करोड़ थे। बजट अनुमान 2024-25 के तहत केंद्रीय करों और शुल्कों की शुद्ध आय से महाराष्ट्र को कुल ₹78.78 हजार करोड़ प्राप्त हुआ है।

झारखंड: निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में झारखंड का नाम तो लिया लेकिन पूर्वी भारत के समग्र विकास के संबंध में जिक्र भर था। वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्वोदय के तहत इन राज्यों में मानव संसाधन विकास, अधोसंरचना और आर्थिक विकास के अवसरों के सृजन पर काम किया जाएगा ताकि विकसित भारत में पूर्वी भारत के राज्य इंजन बन सकें। 

बजट 2024-25 में केंद्रीय करों और शुल्कों की शुद्ध आय से झारखंड के हिस्से कुल ₹41.24 हजार करोड़ आए हैं। बजट दस्तावेज में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क विंग के तहत कार्य का उल्लेख किया गया है। यह प्रावधान राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास पर व्यय के लिए है। इसमें एक्सप्रेसवे से संबंधित परियोजनाएं और स्वर्णिम चतुर्भुज के भीड़भाड़ वाले हिस्सों को 6 लेन का बनाना और राजमार्गों को 2 लेन का बनाना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क के विकास के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में झारखंड के भी कई हिस्से शामिल हैं। 

हरियाणा: बजट 2024-25 में केंद्रीय करों और शुल्कों की शुद्ध आय से राज्य को कुल ₹13.63 हजार करोड़ मिले हैं। बजट दस्तावेज में हरियाणा स्थित ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप (जीसीएनईपी) का जिक्र है। दरअसल, परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिवालय के पास देशभर में फैली घटक इकाइयों, सार्वजनिक उपक्रमों और सहायता प्राप्त संस्थाओं के प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। ये विभाग की विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देती हैं। विभाग में छह अनुसंधान एवं विकास इकाइयां हैं, जिनमें हरियाणा का जीसीएनईपी भी शामिल हैं। 

दस्तावेज में स्वायत्त संस्थाओं को सहायता का जिक्र है। इस परियोजना के तहत स्वायत्त संस्थाओं को सहायता प्रदान की जाती है जिसमें हरियाणा स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान भी शामिल है। 
 

जम्मू-कश्मीर: विशेष श्रेणी के राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए पैकेज का एलान किया गया है। यह पैकेज इन राज्यों के लिए औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए 300 करोड़ के बजट की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत जम्मू-कश्मीर को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 42,277 करोड़ रुपये मिले हैं। 

प्रधानमंत्री बालिका छात्रावास योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में बालिका छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। यह योजना जम्मू-कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज 2015 में शिक्षा मंत्रालय का घटक है। 

राज्य के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना की भी घोषणा की गई है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 11 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं/परियोजनाएं घोषित की गई हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए दोनों राज्यों में सब्सिडी वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं की घोषणा की गई हैं। 
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