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चुनाव सुधार: राष्ट्रपति ने कहा- मतदान को राष्ट्र निर्माण में मानें योगदान, चुनावों से सामाजिक क्रांति संभव
Thu, 26 Jan 2023 06:32 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 26 Jan 2023 06:32 AM IST
सार
13वें मतदाता दिवस समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों ने नागरिकों की बुद्धिमता में अपार विश्वास जताया और वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव का प्रावधान किया। देश की जनता ने उनके विश्वास को सच कर दिखाया है।
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मतदाता दिवस समारोह में पुरस्कार देतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, साथ में कानून मंत्री किरेन रिजिजू, सीईसी राजीव कुमार।
- फोटो : Twitter@rashtrapatibhvn
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को आगामी चुनावों में 75 फीसदी मतदान सुनिश्चित करने के केंद्रीय चुनाव आयोग के लक्ष्य का समर्थन किया। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे मतदान को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान मानें और ‘देश सर्वोपरि’ की भावना से मतदान अवश्य करें।
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13वें मतदाता दिवस समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों ने नागरिकों की बुद्धिमता में अपार विश्वास जताया और वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव का प्रावधान किया। देश की जनता ने उनके विश्वास को सच कर दिखाया है।
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भारत के लोकतंत्र को दुनिया के सबसे बड़े, जीवंत और स्थिर लोकतंत्र के रूप में सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में पिछले सात दशकों के दौरान चुनाव प्रक्रिया से सामाजिक क्रांति संभव हुई है। यह हमारे लोकतंत्र की एक बड़ी सफलता है कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले आम मतदाता को लगता है कि देश या राज्य पर कौन और कैसे शासन करेगा, यह तय करने में उसकी बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्वाचन आयोग और अन्य सभी प्रतिभागियों के संयुक्त प्रयासों से हमारा लोकतंत्र और मजबूत होगा।
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मतदाताओं का संकल्प दर्शाती है... ‘मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं जरूर वोट देता हूं’ की थीम
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए निर्वाचन आयोग का आदर्श वाक्य ‘कोई मतदाता पीछे न छूटे’ सराहनीय है। यह वाक्य सभी मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के चुनाव आयोग के लक्ष्य को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं जरूर वोट देता हूं’ मतदाताओं के संकल्प को दर्शाती है। निर्वाचन आयोग और मतदाताओं का सामूहिक योगदान हमारे देश की चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि यह हमारी चुनाव प्रक्रिया और हमारे लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में थोड़ी अधिक थी। यह भी उल्लेखनीय है कि हमारी संसद के इतिहास में पहली बार दोनों सदनों को मिलाकर महिला सांसदों की संख्या सौ की संख्या को पार कर गई है। ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं का अहम योगदान है। उनकी भागीदारी के साथ-साथ उनकी संख्या और बढ़नी चाहिए।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मिलकर करें काम : मोदी
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं। इस वर्ष की थीम ‘मतदान जैसा कुछ नहीं, मैं जरूर वोट देता हूं’ से प्रेरित होकर हम सभी चुनाव में सक्रिय भागीदारी को और मजबूत करने तथा अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करें। मैं इस क्षेत्र में भारत निर्वाचन आयोग के प्रयासों की भी सराहना करता हूं। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए
राष्ट्रपति मुर्मू ने 2022 के दौरान चुनाव के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को वर्ष 2022 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। सरकारी मीडिया और संचार संगठनों तथा अन्य विभागों जैसे महत्वपूर्ण हितधारकों को भी मतदाता जागरूकता में उनके अमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
भारतीय लोकतंत्र का भविष्य हैं युवा मतदाता : राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि युवा मतदाता ही भारतीय लोकतंत्र का भविष्य हैं। वर्ष 2000 के आसपास और उसके बाद पैदा हुई अगली पीढ़ी ने हमारी मतदाता सूची में शामिल होना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि छात्रों के मतदान की उम्र तक पहुंचने से पहले ही लोकतांत्रिक जड़ों को स्कूल स्तर पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को मतदान केंद्रों तक लाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं।
कानूनों में बदलाव से 1.5 करोड़ से अधिक नए मतदाता जुड़े: कानून मंत्री रिजिजू
13वें मतदाता दिवस समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चुनाव सुधारों को लागू करने के लिए सियासी दलों समेत सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श जरूरी है। निवार्चन आयोग की ओर से चुनाव सुधारों पर पेश विभिन्न प्रस्तावों का जिक्र कर उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श और चर्चा जीवन के प्रतीक हैं। एक साल पहले चुनाव कानूनों में किए गए बदलावों के चलते मतदाता सूची में 1.5 करोड़ से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।
चुनाव सुधारों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह आयोग के लागातार संपर्क में हैं। अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। चुनाव कानूनों व संबंधित नियमों के साथ आयोग से संबंधित मुद्दों के लिए कानून मंत्रालय का विधायी विभाग नोडल एजेंसी है।