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Election Commission: देश में एक साथ चुनाव कैसे संभव? निर्वाचन आयोग ने दिया यह जवाब
Mon, 06 Feb 2023 02:28 PM IST
संजीव कुमार झा
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 06 Feb 2023 02:28 PM IST
सार
देश में एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दिया है। चुनाव आयोग मे संसद के ऊपर जिम्मेदारी छोड़ दी है।
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निर्वाचन आयोग
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीआई) में संशोधन पर विचार करना संसद का काम है। ये दलीलें दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान आईं, जिसमें ईसीआई को पैसे और जनशक्ति बचाने के लिए लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
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चुनाव आयोग के वकील सिद्धांत कुमार ने कहा कि इस मामले को देखना संसद का काम है और कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान और आरपीआई में संशोधन पर विचार करना संसद का काम है। एडवोकेट सिद्धांत कुमार ने शनिवार, रविवार और छुट्टियों के दिन चुनाव कराने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए ईसीआई को निर्देश देने की याचिकाकर्ता की प्रार्थना पर भी आपत्ति जताई और कहा, सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने पहले ही माना है कि चुनाव का कार्यक्रम एकमात्र चुनाव आयोग का विवेकाधिकार है।
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प्रस्तुतियां पर ध्यान देने के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज चुनाव आयोग (ईसी) से एक याचिकाकर्ता द्वारा किए गए प्रतिनिधित्व पर गौर करने को कहा। न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने आज कहा, हम अपनी सीमा जानते हैं, याचिका में मांगी गई प्रार्थना पूरी तरह से चुनाव आयोग के दायरे में आती है। हम विधायक नहीं हैं।
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