भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शिंदे गुट को शिवसेना नाम दिए जाने का आदेश दिए। आयोग ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी द्वारा चुनाव चिह्न तीर और कमान बरकरार रखा जाएगा। गौरतलब है कि शिवसेना के दोनों धड़े (एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे) पिछले साल शिंदे (महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री) द्वारा ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद से पार्टी के तीर-कमान के चुनाव चिह्न के लिए लड़ रहे हैं।
ECI: शिंदे गुट को 'शिवसेना' का नाम और 'तीर-कमान' चुनाव चिह्न मिला, चुनाव आयोग का फैसला
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शिंदे गुट को शिवसेना नाम दिए जाने का आदेश दिए। आयोग ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष और तीर बरकरार रखा जाएगा।
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को दी ये सलाह
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक लोकाचार और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करने और नियमित रूप से अपनी संबंधित वेबसाइटों पर अपनी पार्टी के आंतरिक कामकाज के पहलुओं का खुलासा करने की भी सलाह दी, जैसे कि संगठनात्मक विवरण, चुनाव आयोजित करना, संविधान की प्रति और पदाधिकारियों की सूची।
राजनीतिक दलों के आंतरिक चुनाव में हो निष्पक्ष प्रक्रिया : ईसीआई
इसने आगे कहा, राजनीतिक दलों के संविधान में पदाधिकारियों के पदों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव और आंतरिक विवादों के समाधान के लिए एक और स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया का प्रावधान होना चाहिए। इन प्रक्रियाओं में संशोधन करना कठिन होना चाहिए और इसके लिए संगठनात्मक सदस्यों का बड़ा समर्थन सुनिश्चित करने के बाद ही संशोधन योग्य होना चाहिए।
भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा चुनाव आयोग: उद्धव ठाकरे गुट
उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, आदेश वही है जिस पर हमें संदेह था। हम कह रहे थे कि हमें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। जब मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, तो चुनाव आयोग की यह जल्दबाजी दिखाती है कि यह केंद्र सरकार के तहत भाजपा एजेंट के रूप में काम करती है। हम इसकी निंदा करते हैं।
चिंता की आवश्यकता नहीं, जनता हमारे साथ: संजय राउत, राज्यसभा सदस्य
उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने चुनाव आयोग की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जनता हमारे साथ है। हम एक नए प्रतीक के साथ जाएंगे और इस शिवसेना को एक बार फिर जनता की अदालत में खड़ा करेंगे।