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चुनाव आयोग की बैठक आज, 64 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनावों की तारीखों का हो सकता है एलान
Tue, 29 Sep 2020 08:08 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 29 Sep 2020 08:08 AM IST
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- फोटो : ANI
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देश में अभी 64 विधानसभा सीट और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं। इन 64 विधानसभा सीटों में से 28 सीटें मध्यप्रदेश की हैं। चुनाव आयोग इन सीटों पर उपचुनाव कराने को लेकर आज एक बैठक करेगा। बैठक में उपचुनाव की तारीखों और अन्य मामलों पर फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही आयोग उपचुनाव की तारीखों का एलान भी कर सकता है।
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बता दें कि बीते शुक्रवार को आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान किया था। इसके साथ ही मंगलवार को बैठक के बाद उपचुनावों की तारीखों का एलान करने की बात कही थी।
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मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा था कि 29 सितंबर के बाद उपचुनाव की तारीखों का एलान किया जाएगा। मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसमें से अधिकतर सीट कांग्रेस के बागी सदस्यों के पार्टी या विधानसभा से इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के बाद खाली हुईं थीं।
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इन 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव ही बताएंगे कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सत्ता बनी रहेगी या कांग्रेस वापसी करेगी। इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की भी साख इन उपचुनावों पर टिकी है। जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं।
प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उपचुनाव हो रहे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य में बड़ा राजनीतिक फेरबदल हुआ है। इसी साल मार्च महीने में ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। जिसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आकर गिर गई थी।
22 विधायकों के इस्तीफे देने के बाद सीटें खाली हो गईं। जुलाई में बड़ा-मलहरा से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा देवी कसडेकर और मांधाता विधायक ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इसके अलावा तीन विधायकों का निधन हो गया था, इस हिसाब से मध्यप्रदेश में कुल 28 विधानसभा सीटें खाली हो गईं, जिन पर उपचुनाव होना है।
सिंधिया के लिए 22 सीटों में 16 सीटों को बचाना बेहद दी जरूरी है क्योंकि इसमें से 16 सीटें उनके प्रभाव क्षेत्र ग्वालियर-चंबल की हैं। कांग्रेस ने 15 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है तो वहीं भाजपा की ओर से 25 सीटों पर प्रत्याशी लगभग तय हैं।
बिहार: सांसद महतो के निधन से खाली हुई वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट
बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट पर उप-चुनाव होना है। ऐसे में यहां से रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा चुनाव लड़ सकते हैं। यह सीट जदयू सांसद वैद्यनाथ प्रसाद महतो के निधन की वजह से खाली हुई है। बता दें कि रालोसपा पहले भी एनडीए का हिस्सा थी, जो 2019 लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के साथ चली गई थी।
इन राज्यों की विधानसभा सीट पर होने हैं उपचुनाव
मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं। इनमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट पर उपचुनाव होना है। वहीं असम, झारखंड, केरल, नागालैंड, तमिलनाडु और ओडिशा की दो-दो सीट पर उपचुनाव कराए जाने हैं। जबकि मणिपुर की पांच सीटों के अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश की आठ-आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं।