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Maharashtra: चुनाव आयोग ने शरद पवार की नहीं सुनी फरियाद, 'तुरही' चुनाव चिन्ह को हटाने की मांग को किया खारिज

Tue, 15 Oct 2024 11:23 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराष्ट्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराष्ट्र Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 15 Oct 2024 11:23 PM IST
सार

Maharashtra: शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले झटका दिया है। चुनाव आयोग ने शरद पवार के चुनाव चिन्ह में तुरही के चिन्ह को हटाने करने की मांग को खारिज कर दिया है।

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Election Commission did not listen to Sharad Pawar's plea, rejected his demand to remove the 'trumpet'
शरद पवार - फोटो : PTI

विस्तार

शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने चुनाव चिन्ह में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के सामने मांगे रखी थी। जिसको लेकर चुनाव आयोग ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है जिसमें उसने ईवीएम की बैलेट यूनिट पर अपने चुनाव चिन्ह तुरहा को मुख्य रूप से दिखाने की मांग की थी, लेकिन तुरही के चिन्ह को हटाने करने की मांग को खारिज कर दिया गया है।
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चुनाव आयुक्त ने दी जानकारी
चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त राजीव कुमार ने इस मामले में कहा कि शरद पवार ने चुनाव प्राधिकरण को बताया है कि उसका चुनाव चिन्ह तुरहा को प्रमुखता से ईवीएम की बैलेट यूनिट पर प्रदर्शित नहीं किया गया है। कुमार ने कहा कि हमने उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा था कि वे अपने चुनाव चिन्ह को बैलेट यूनिट पर किस तरह प्रदर्शित करना चाहते हैं। जिसको लेकर शरद पवार ने हमें चुनाव चिन्ह के बारे में तीन विकल्प दिए थे और हमने उनके द्वारा दिए गए पहले सुझाव को स्वीकार कर लिया।
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हालांकि, सीईसी ने यह स्पष्ट किया कि आयोग चुनाव चिन्हों के आवंटन की मौजूदा प्रणाली में कोई बदलाव नहीं करना चाहता है। साथ ही उसने प्रतीकों की सूची से तुरही के चिन्ह को हटाने की मांग को भी खारिज कर दिया। इसके साथ ही सीईसी ने जोर देकर कहा कि तुरही का चिन्ह तुरहा के चिन्ह से अलग है, जिसके बाद शरद पवार की अगुआई वाली पार्टी ने तर्क दिया था कि तुरही का चुनाव चिन्ह तुरहा बजाता हुआ आदमी जैसा है। जिससे लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
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शरद पवार की पार्टी का तर्क
एनसीपी-एसपी ने तर्क दिया था कि सतारा निर्वाचन क्षेत्र में जिस निर्दलीय उम्मीदवार को तुरही का चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था, उसे भाजपा उम्मीदवार उदयनराजे भोंसले की जीत के अंतर से ज़्यादा वोट मिले थे। बता दें कि भोंसले ने शरद पवार गुट के उम्मीदवार शशिकांत शिंदे को 32,771 वोटों के अंतर से हराया था। तुरही के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार संजय गाडे को 37,062 वोट मिले थे।
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