LS Polls 2024: निर्वाचन आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को लगाई फटकार, बयान को चुनाव बाधित करने का प्रयास बताया
आयोग ने कहा कि मतदान से जुड़ा डेटा जारी करने के संबंध में आरोप निराधार हैं। इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों कराने में भ्रम पैदा होता है।
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निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव में बाधा डालने के लिए कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को फटकार लगाई। आयोग ने उनके बयानों को चुनाव संचालन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर आक्रामकता करार दिया।
चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान से जुड़ा डेटा जारी करने के संबंध में कांग्रेस के आरोप निराधार हैं। इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों कराने में भ्रम पैदा होता है। आयोग ने कहा कि ऐसे बयानों से चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। राज्यों में बड़ी चुनाव मशीनरी इससे हतोत्साहित भी हो सकती है।
खरगे ने मतदान के आंकड़े जारी करने पर उठाए थे सवाल
खरगे ने सात मई को इंडी गठबंधन के नेताओं को पत्र लिखा था। पत्र में चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए मतदान के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कथित धांधली का आरोप लगाया था। पत्र में खरगे ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं से अपील की थी कि वे ऐसी धांधलियों के खिलाफ आवाज उठाएं। खरगे ने लिखा 'हमारा एकमात्र उद्देश्य संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की संस्कृति की रक्षा करना है'।
खरगे ने विपक्षी नेताओं को लिखा पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा था, 'इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A) के तौर पर यह हमारा साझा प्रयास होना चाहिए कि हम लोकतंत्र की रक्षा करें और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को बचाएं।' खरगे ने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में हुए फेरबदल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 'यह अंतिम नतीजों में फेरबदल करने की कोशिश हो सकती है।' खरगे ने कहा कि 'हम सभी जानते हैं कि पहले दो चरणों में मतदान के रुझानों को देखते हुए पीएम मोदी और भाजपा परेशान है। पूरा देश जानता है कि यह तानाशाही सरकार सत्ता के नशे में चूर है और अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।'
आंकड़े जारी करने में हुई देरी पर उठे सवाल; EC पहुंचा 'एकजुट विपक्ष'
दरअसल लोकसभा चुनाव के दो चरणों के मतदान प्रतिशत और डाटा साझा करने में हुई देरी पर विपक्षी पार्टियां सवाल उठा रही हैं। पहले दो चरणों में मतदान प्रतिशत कम रहा। हालांकि चुनाव आयोग ने मतदान के कई घंटे बाद मतदान प्रतिशत के नए आंकड़े जारी किए, जिसमें मतदान प्रतिशत में 5-6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। इस विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि आंकड़े जारी करने में इतनी देरी क्यों लगी? विपक्ष ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। मंगलवार को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 93 लोकसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता सिंघवी समेत कई कद्दावर विपक्षी दलों के नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। वाम दल के सदस्य भी मौजूद रहे। सिंघवी ने दो टूक कहा कि वर्तमान दौर में मतदान के अंतिम आंकड़े जारी करने में चार दिनों की देरी नहीं होनी चाहिए।
#WATCH | Delhi: Congress leader & senior advocate Abhishek Manu Singhvi says, "There should not be four days of delay in the release of voter percentage data...If the data is released on time there will be no speculations or doubts..." pic.twitter.com/rRIWRyajUC
— ANI (@ANI) May 10, 2024
विपक्ष की तरफ से 1500 से अधिक शिकायतें
वोट प्रतिशत के आंकड़े जारी करने में कथित देरी के संबंध में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके नेता टीआर बालू समेत कई विपक्षी नेता चुनाव आयोग से मिलने भी पहुंचीं। आयोग में लगभग 45 मिनट तक अलग-अलग पहलुओं और शिकायतों पर बात के बाद सिंघवी ने संवाददाताओं को बताया कि अकेले कांग्रेस 11 शिकायतें कर चुकी है। विपक्ष की तरफ से 1500 से अधिक शिकायतें आयोग को भेजी जा चुकी हैं।
#WATCH | Delhi: Congress leader & senior advocate Abhishek Manu Singhvi says, "We all spent almost 45 minutes to an hour with the Election Commission. Broadly, two major issues were raised...Eleven complaints by the Congress alone and in total more than 1520 complaints by all… pic.twitter.com/bGOasbwiRe
— ANI (@ANI) May 10, 2024