फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Election 2023: how parties are using AI for their political campaign

AI In Elections: सियासी मुकाबले में एआई का इस्तेमाल, रील्स और फोटो-वीडियो के जरिए चुनावी जंग लड़ रहीं पार्टियां

Mon, 23 Oct 2023 09:06 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 23 Oct 2023 09:06 PM IST
विज्ञापन
सार
Artificial Intelligence In Elections: चुनावी राज्यों में भाजपा और कांग्रेस के आईटी सेल सोशल मीडिया पर वार-पलटवार कर रहे हैं। अपने प्रतिद्वंद्वियों को जवाब देने के लिए दोनों दल एआई से बनीं क्रिएटिव तस्वीरें, वीडियो और कार्टून साझा कर रहे हैं।
loader
Election 2023: how parties are using AI for their political campaign
चुनाव 2023 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

चुनावी राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। इन राज्यों में तमाम सियासी दलों ने अपने चुनाव अभियान के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत प्रत्याशी हों या फिर पार्टियां, सभी जनता को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का खासा इस्तेमाल कर रहे हैं। दक्षिणी राज्य तेलंगाना में भी पार्टियां नई तकनीकों का भरपूर उपयोग कर रही हैं। ऐसे में हमें जानना चाहिए कि चुनाव अभियान में कैसे हो रहा है आधुनिक तकनीक का उपयोग...

भाजपा का मीडिया सेंटर
भाजपा का मीडिया सेंटर - फोटो : अमर उजाला

मध्य प्रदेश 
मध्य प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए वॉर रूम बनाए हैं। पार्टी ने अपने भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय के पास में ही एक निजी भवन में सातवीं मंजिल पर वॉर रूम तैयार किया है, जो बीते कई हफ्तों से यहां काम कर रहा है। मध्य प्रदेश भाजपा चुनाव के प्रभारी भूपेंद्र यादव और सह प्रभारी अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में इस वॉर में टीम काम कर रही है। इसके साथ ही भाजपा ने अपने कार्यालय में भी एक वॉर रूम बनाया है। 



सितंबर के अंत में भोपाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इलेक्शन वॉर रूम और स्टेट मीडिया सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि वॉर रूम भी हमारा सटीक वार करेगा और अपने लक्ष्य पर संधान करते हुए निश्चित तौर पर हम सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे। 

बंसल वन में बने भाजपा के वॉर रूम में 100 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था है। यहां पर 40 कम्प्यूटर सिस्टम लगाए गए है। जहां से भाजपा आईटी सेल अपनी उपलब्धियां के साथ ही कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे रही है। यहीं से कांग्रेस पर डिजिटल वार और लोगों के घर तक डिजिटल सभाओं के माध्यम से पहुंच बनाई जा रही है। इन कामों में एआई का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। 

भाजपा की तरह ही कांग्रेस का भी अपना चुनावी वॉर रूम है। कांग्रेस ने अपने सांसद नकुलनाथ के भोपाल स्थित शासकीय बंगले पर वॉर रूम तैयार किया है। कांग्रेस की एक टीम यहां से चुनाव में काम कर रही है। इसके साथ ही एक वॉर रूम पीसीसी चीफ कमलनाथ के बंगले पर भी सक्रिय है। यहां पर हर विधानसभा सीट की मेपिंग की जा रही है। इसकी वॉर रूम की मॉनिटरिंग खुद कमलनाथ कर रहे हैं। 

चुनावी वॉर रूम
चुनावी वॉर रूम - फोटो : सोशल मीडिया

छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस ने हाईटेक टेक्नोलॉजी से चुनाव लड़ने की तैयारी की है। इसके लिए राजधानी रायपुर के शंकर नगर में लेटेस्ट वॉर रूम तैयार किया गया है। इस वॉर रूम में अलग-अलग इलेक्शन एक्सपर्ट चुनावी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। यही से प्रदेशभर में संगठन पर बूथ स्तर तक फोकस रखने के साथ रणनीति भी बनाई जा रही है। कांग्रेस ने इस वॉर रूम में चुनाव को 360 डिग्री चलाने के लिए अलग-अलग यूनिट तैयार की है। पिछले दिनों ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस हाईटेक चुनावी वॉर रूम का उद्घाटन किया था।

इस चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके सभी वोटर्स और चीफ मिनिस्टर भूपेश बघेल के बीच पर्सनल कनेक्ट बनाया जा रहा है। इस टेक्नोलॉजी से मुख्यमंत्री को एक ही समय में व्यक्तिगत रूप से लाखों वोटर्स से जोड़ा जा रहा है।

सोशल मीडिया प्रबंधन टीम सरकार के संदेश को पहुंचाने के साथ ही विपक्ष की कमियों को हर नागरिक के मोबाइल फोन तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक अब तक प्रदेश में 30 हजार से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप्स, 5 हजार ब्रॉडकास्ट के अलावा, बड़ी संख्या में आधिकारिक और समर्थित फेसबुक पेज, ट्विटर हैंडल, यूट्यूब चैनल्स इत्यादि संचालित हो रहे हैं। 

PCC का वॉर रूम
PCC का वॉर रूम - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान 
राजस्थान का सत्ताधारी दल कांग्रेस इस बार हाईटेक तरीके से चुनाव लड़ने में जुटा है। सितंबर के अंत में कांग्रेस के सेंट्रल वॉर रूम के चेयरमैन और को-चेयरमैन नियुक्त की गई थी। इसमें सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा और राजस्थान कांग्रेस नेता जसवंत गुर्जर को-चेयरमैन बनाए गए हैं। कैप्टन अरविंद कुमार भी को-चेयरमैन नियुक्त हुए हैं, जबकि पूर्व IAS शशिकांत सेंथिल को सेंट्रल वॉर रूम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सेंथिल को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी यही जिम्मेदारी दी गई थी। 

हाल ही में कैंपेन कमेटी की बैठक में प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में प्रचार-प्रसार के लिए रूपरेखा पर एक बैठक की गई थी। इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश में राजस्थान की कांग्रेस सरकार की ओर से किए जा रहे लोक कल्याण के कामों के आधार पर प्रचार अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही ईआरसीपी जैसे अहम को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।

तेलंगाना 
वहीं दक्षिणी राज्य तेलंगाना की सत्ताधारी बीआरएस भी साइबर प्लेटफॉर्म पर चुनाव अभियान में जुटी है। बीआरएस सोशल मीडिया पर अपने चुनावी अभियान के लिए आकर्षक तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए एआई का उपयोग कर रही है। इन एआई द्वारा बनाए दृश्यों में मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव के कार्यकाल में हुए कामों को दिखाया जा रहा है। इसके अलावा बीआरएस समर्थकों ने भी सीएम चंद्रशेखर राव की एआई-जनरेटेड वीडियो साझा किए हैं, जिनमें हाल में रिलीज हुई फिल्मों के गाने भी हैं। 

बीआरएस के अलावा भाजपा और कांग्रेस आईटी सेल सोशल मीडिया पर वार पलटवार कर रहे हैं। अपने प्रतिद्वंद्वियों को जवाब देने के लिए दोनों दल क्रिएटिव तस्वीरें साझा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed