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मिशन शक्ति पर मोदी के संबोधन मामले की शिकायत की व्यापक अर्थ में जांच करे चुनाव आयोग : येचुरी

Sat, 30 Mar 2019 08:42 PM IST
अमर शर्मा भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 30 Mar 2019 08:42 PM IST
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election 2019 : Election Commission to examine PM Narendra Modi address to nation on Mission Shakti
महासचिव सीताराम येचुरी ( फाइल फोटो ) - फोटो : amar ujala

माकपा महासचिव सीतारात येचुरी ने मिशन शक्ति पर प्रधानमंत्री के नरेंद्र मोदी के संबोधन से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होने के चुनाव आयोग के फैसले को संकुचित बताते हुये शनिवार को आयोग से उनकी शिकायत पर व्यापक अर्थों में पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

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येचुरी ने आयोग को जवाबी पत्र लिखकर कहा कि इस मामले में उनकी शिकायत पर आयोग की जांच सरकारी मीडिया के दुरुपयोग पर ही सीमित रही। उल्लेखनीय है कि आयोग ने इस मामले में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को येचुरी को भेजे जवाब में कहा कि आचार संहिता के भाग सात, पैरा चार के प्रावधानों के संदर्भ में प्रधानमंत्री के संबोधन से सरकारी मीडिया का दुरुपयोग नहीं हुआ है।
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माकपा नेता ने इसे उनकी शिकायत की संकुचित व्याख्या बताते हुए कहा कि आयोग की जांच सिर्फ सरकारी मीडिया के दुरुपयोग तक सीमित रही। इस शिकायत में निहित व्यापक महत्व का मुद्दा यह था कि चुनावी दौड़ में शामिल प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान हमारे वैज्ञानिकों की उपलब्धि का बखान किया। इससे प्रधानमंत्री कार्यालय का चुनावी मकसद से दुरुपयोग किए जाने का गंभीर मामला उत्पन्न हुआ है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संबोधन के तुरंत बाद खुद को न सिर्फ जमीन और आसमान का चौकीदार बताया बल्कि अंतरिक्ष का भी चौकीदार बताया। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं प्रधानमंत्री और भाजपा के अन्य नेता भी चुनाव अभियान में इस बात को लगातार कह रहे हैं कि मौजूदा सरकार ने इस उपलब्धि को हासिल करने का माद्दा दिखाया जबकि पिछली सरकार में यह कर दिखाने का साहस नहीं था। 


येचुरी ने दलील दी कि सामान्यत: संबद्ध संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा इस उपलब्धि को देश के साथ साझा किया जाना चाहिए था लेकिन प्रधानमंत्री ने स्वयं यह काम करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय के दुरुपयोग का गंभीर मामला है।

माकपा नेता ने आयोग से इसका संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि आयोग मेरे द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगा।

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