बुजुर्गों की परेशानियां: इन्हें चाहिए पेंशन में मदद और शोषण से मुक्ति, 79 हजार से अधिक ने एल्डरलाइन पर मांगी हेल्प
आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य यूपी से सर्वाधिक 22.58 प्रतिशत फोन आए। वहीं कम आबादी के बावजूद राजस्थान और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में कॉल की गईं।
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इस समय भारत में बुजुर्ग पेंशन से जुड़ी समस्याओं और कोविड व शोषण से बचने के लिए सबसे ज्यादा मदद चाहते हैं। नेशनल हेल्पलाइन ‘एल्डरलाइन 14567’ पर अक्तूबर 2021 से अब तक मदद मांगने के लिए की गईं 70 हजार फोन कॉल्स से यह तथ्य सामने आया। इस हेल्पलाइन पर नजर आई प्रमुख दिक्कतों पर ज्यादा केंद्रित होकर काम करें तो बुजुर्गों के लिए जीवन ज्यादा बेहतर बनाया जा सकता है।
यह हैं बुजुर्गों की बड़ी परेशानियां
पेंशन संबंधी फोन कॉल --- 22430
कोविड में मदद --- 6,406
शोषण---- 4,748
वृद्धाश्रम संबंधी---- 2,040
भावनात्मक सहयोग----- 1,058
गुजारे की दिक्कतें----- 1,326
कितनी कॉल
- 44,348 कॉल पुरुषों ने की
- 18,363 कॉल महिलाओं ने की
84 फीसदी कॉल अनुपयोगी
- 5,07,493 कुल फोन कॉल्स
- 4,28,442 अनुपयोगी कॉल्स
उत्तर प्रदेश से आए 22.6 प्रतिशत फोन
आबादी के लिहाज से सबसे बड़े राज्य यूपी से सर्वाधिक 22.58 प्रतिशत फोन आए। वहीं कम आबादी के बावजूद राजस्थान और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में कॉल की गईं।
उत्तर प्रदेश ----------96,764
महाराष्ट्र --------------40,239
राजस्थान -------------30,219
कर्नाटक --------------29,953
मध्यप्रदेश ------------ 26,689
उत्तराखंड -------------23,685
एक अक्तूबर से शुरू हुई थी एल्डरलाइन
- सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण मंत्रालय ने यह हेल्पलाइन 1 अक्तूबर को 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की थी।
- शिकायतों के आधार पर 5,959 मामलों में बुजुर्गों तक सीधे मदद पहुंचाई गई।