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अटारी-वाघा बॉर्डर पर 'नहीं मनाई ईद', बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स ने एक-दूसरे को नहीं दी मिठाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Jun 2018 10:38 AM IST
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अटारी-वाघा बॉर्डर
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जम्मू और कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन के मद्देनजर अटारी-वाघा बॉर्डर पर ईद के मौके पर बीएसएफ जवानों और पाकिस्तानी रेंजर्स ने एक-दूसरे को मिठाई नहीं बांटी।
बता दें कि रमजान के पाक महीने में जम्मू कश्मीर में शांति बहाल करने के मकसद से केंद्र सरकार ने आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले किसी भी तरह के सैन्य अभियान को आंशिक तौर पर रद्द करने का आदेश दिया था।
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लेकिन बावजूद इसके रमजान के दौरान पाकिस्तान ने करीब 12 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। वहीं घाटी में आतंकियों ने लगभग 42 बार सुरक्षाबलों को निशाना बना कर हमला किया। पाकिस्तान की गोलीबारी में अब तक करीब 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर सेना, सुरक्षा बल और राजनीतिक नेतृत्व में मतभेद है। इस वजह से फिलहाल इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक कश्मीर में रमजान के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं में भारी गिरावट देखने को मिली है। शांति की इस पहल को केंद्र सरकार आगे भी मौका देना चाहती है।
हालांकि कश्मीर सीजफायर उल्लंघन मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान कहा है, '16 जून यानी ईद तक सीजफायर लागू रहेगा। सीजफायर बढ़ाने पर ईद के बाद बोलूंगा।'
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Following continuous ceasefire violation by Pakistan in Jammu & Kashmir, there was no exchange of sweets between the Border Security Force troops and the Pakistani Rangers at Attari-Wagah border on the occasion of #EidulFitr (File pic) pic.twitter.com/i8dzcN6S1S
— ANI (@ANI) 16 June 2018विज्ञापन
बता दें कि रमजान के पाक महीने में जम्मू कश्मीर में शांति बहाल करने के मकसद से केंद्र सरकार ने आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले किसी भी तरह के सैन्य अभियान को आंशिक तौर पर रद्द करने का आदेश दिया था।
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लेकिन बावजूद इसके रमजान के दौरान पाकिस्तान ने करीब 12 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। वहीं घाटी में आतंकियों ने लगभग 42 बार सुरक्षाबलों को निशाना बना कर हमला किया। पाकिस्तान की गोलीबारी में अब तक करीब 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर सेना, सुरक्षा बल और राजनीतिक नेतृत्व में मतभेद है। इस वजह से फिलहाल इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक कश्मीर में रमजान के दौरान पत्थरबाजी की घटनाओं में भारी गिरावट देखने को मिली है। शांति की इस पहल को केंद्र सरकार आगे भी मौका देना चाहती है।
हालांकि कश्मीर सीजफायर उल्लंघन मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान कहा है, '16 जून यानी ईद तक सीजफायर लागू रहेगा। सीजफायर बढ़ाने पर ईद के बाद बोलूंगा।'
पाकिस्तान की गोलीबारी में बीएसएफ ने कई जवान शहीद
बीएसएफ के शहीद जवान रजनीश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर उल्लंघन में चार जवानों का शहीद होना, बीएसएफ के लिए इस साल का सबसे बड़ा नुकसान साबित हुआ है। बीएसएफ ने इससे पहले इतनी भारी संख्या में अपने जवानों को खोने का नुकसान नहीं सहा था।
हालांकि अब तक के आकड़ो पर एक नजर डाला जाए तो आईबी पर पाक की गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में बीएसएफ के कुल ग्यारह जवान इस साल शहीद हो चुके हैं। यह आकड़ा पिछले पांच सालों के औसतन सबसे ज्यादा है।
वहीं अगर विदेश मंत्रालय के आकड़ो को मानें तो पाकिस्तान की ओर से इस वर्ष सीजफायर उल्लंघन की 1000 से अधिक घटनाएं हुई हैं। जबकि पाकिस्तान ने साल 2017 में कुल 720 बार ही संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई फायरिंग में ही भारतीय सुरक्षाबलों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। वहीं पाकिस्तान के रेंजर्स द्वारा भारतीय सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्नाइपर से भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
बता दें कि पकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन का इस्तेमाल आतंकी घुसपैठ के दौरान उन्हें कवर देने के लिए किया जाता है।
हालांकि अब तक के आकड़ो पर एक नजर डाला जाए तो आईबी पर पाक की गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में बीएसएफ के कुल ग्यारह जवान इस साल शहीद हो चुके हैं। यह आकड़ा पिछले पांच सालों के औसतन सबसे ज्यादा है।
वहीं अगर विदेश मंत्रालय के आकड़ो को मानें तो पाकिस्तान की ओर से इस वर्ष सीजफायर उल्लंघन की 1000 से अधिक घटनाएं हुई हैं। जबकि पाकिस्तान ने साल 2017 में कुल 720 बार ही संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई फायरिंग में ही भारतीय सुरक्षाबलों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। वहीं पाकिस्तान के रेंजर्स द्वारा भारतीय सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्नाइपर से भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
बता दें कि पकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन का इस्तेमाल आतंकी घुसपैठ के दौरान उन्हें कवर देने के लिए किया जाता है।