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NEET Row: शिक्षा मंत्रालय ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से मांगी रिपोर्ट, बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी
Thu, 20 Jun 2024 12:23 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 20 Jun 2024 12:23 AM IST
सार
24 लाख से ज्यादा छात्रों वाली प्रवेश परीक्षा में बिहार जैसे राज्यों में प्रश्न पत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई उच्च न्यायालयों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय में भी याचिकाएं दायर की गईं।
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : ANI
विस्तार
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी इन दिनों कई अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवाद का केंद्र बनी हुई है। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पटना में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (यूजी) 2024 के आयोजन में कथित अनियमितताओं के संबंध में बुधवार को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
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बता दें कि 24 लाख से ज्यादा छात्रों वाली प्रवेश परीक्षा में बिहार जैसे राज्यों में प्रश्न पत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई उच्च न्यायालयों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय में भी याचिकाएं दायर की गईं।
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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि इस मामले में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा।
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केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने 13 जून को शीर्ष अदालत को बताया कि उन्होंने एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए अनुग्रह अंक रद्द कर दिए हैं। केंद्र ने कहा था कि उम्मीदवारों के पास या तो दोबारा परीक्षा देने या समय की हानि के लिए उन्हें दिए गए प्रतिपूरक अंक छोड़ने का विकल्प होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी से कई तीखे सवाल किए। कोर्ट ने कहा कि अगर नीट परीक्षा में 0.001 फीसदी भी लापरवाही हुई है तो उससे निपटा जाना चाहिए। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। मेडिकल की इस परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं की मेहनत पर बात करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस याचिका को विरोधात्मक भाव से नहीं देखा जाना चाहिए।
बता दें कि परीक्षा 5 मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी और लगभग 24 लाख उम्मीदवार इसमें शामिल हुए थे। इसके परिणाम 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन 4 जून को घोषित किए गए, क्योंकि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले ही पूरा हो गया था।