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NEET-UG CBI Probe: शिक्षा मंत्रालय ने सीबीआई को सौंपी जांच; रिजल्ट में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है मामला
Sun, 23 Jun 2024 12:48 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 23 Jun 2024 12:48 AM IST
सार
मेडिकल दाखिले की नीट यूजी 2024 परीक्षा में गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंपने से पहले शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया है। इसी के साथ उन्हें अनिवार्य वेट करने के लिए कहा गया है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मेडिकल दाखिले की नीट यूजी 2024 परीक्षा में गड़बड़ी की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी मामले में समीक्षा के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया है। छात्र और अभिभावक नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के लिए शुरू से ही सीबीआई को देने की मांग कर रहे थे। अभी तक बिहार पुलिस और गुजरात पुलिस अलग-अलग गड़बड़ी और नकल मामले की जांच कर रहे थे।
हालांकि, सीबीआई को जांच सौंपने से पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया है। इसी के साथ उन्हें अनिवार्य वेट करने के लिए कहा गया है। बताया गया है कि हालिया परीक्षाओं में अनियमितताओं के मद्देनजर केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। एक अधिकारी ने बताया कि सिंह को अगले आदेश तक कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में ‘अनिवार्य प्रतीक्षा’ में रखा गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच मई को देश और विदेश के साढ़े चार से अधिक केंद्रों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ओएमआर (पेन और पेपर) मोड में नीट यूजी 2024 परीक्षा आयोजित की, लेकिन परीक्षा के बाद से कथित अनियमितता/धोखाधड़ी/ प्रतिरूपण/कदाचार के कुछ मामले सामने आए हैं। परीक्षा प्रक्रिया के संचालन में पारदर्शिता के लिए शिक्षा मंत्रालय ने समीक्षा के बाद इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्णय लिया है।
पेपर लीक पर नकेल के लिए सरकार ने एक दिन पहले लागू किया नया कानून
केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने और उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामले का प्रावधान करने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 भी लागू किया है। सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने साफ कहा है कि इन गड़बड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति/संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
परीक्षा 5 मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा में लगभग 24 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए थे। नतीजे 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन 4 जून को घोषित किए गए। रिजल्ट में अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। मुकदमेबाजी के साथ ही प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के बीच झड़पें हुईं।
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हालांकि, सीबीआई को जांच सौंपने से पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया है। इसी के साथ उन्हें अनिवार्य वेट करने के लिए कहा गया है। बताया गया है कि हालिया परीक्षाओं में अनियमितताओं के मद्देनजर केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। एक अधिकारी ने बताया कि सिंह को अगले आदेश तक कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में ‘अनिवार्य प्रतीक्षा’ में रखा गया है।
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Ministry of Education entrusts the matter of alleged irregularities in NEET (UG) Examination 2024 to CBI for the comprehensive investigation. pic.twitter.com/KO95a5a8nD
विज्ञापन विज्ञापन— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) June 22, 2024
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच मई को देश और विदेश के साढ़े चार से अधिक केंद्रों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने ओएमआर (पेन और पेपर) मोड में नीट यूजी 2024 परीक्षा आयोजित की, लेकिन परीक्षा के बाद से कथित अनियमितता/धोखाधड़ी/ प्रतिरूपण/कदाचार के कुछ मामले सामने आए हैं। परीक्षा प्रक्रिया के संचालन में पारदर्शिता के लिए शिक्षा मंत्रालय ने समीक्षा के बाद इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्णय लिया है।
पेपर लीक पर नकेल के लिए सरकार ने एक दिन पहले लागू किया नया कानून
केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने और उससे जुड़े या उसके आनुषंगिक मामले का प्रावधान करने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 भी लागू किया है। सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने साफ कहा है कि इन गड़बड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति/संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
परीक्षा 5 मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा में लगभग 24 लाख उम्मीदवार उपस्थित हुए थे। नतीजे 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन 4 जून को घोषित किए गए। रिजल्ट में अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। मुकदमेबाजी के साथ ही प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के बीच झड़पें हुईं।