सरकारी कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों का शिक्षा भत्ता 30 हजार से बढ़कर 54 हजार हुआ
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों का सालाना शिक्षा भत्ता 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 54 हजार रुपये कर दिया गया है। सातवें वेतन आयोग ने सामान्य बच्चों के मुकाबले दिव्यांग बच्चों को दोगुना शिक्षा भत्ता देने की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
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सामान्य बच्चों के लिए 2250 रुपये का मासिक शिक्षा भत्ता निर्धारित है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा हाल में जारी एक आदेश में कहा गया है कि अगर माता-पिता दोनों सरकारी कर्मचारी हैं तो उनमें से कोई एक ही दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा भत्ते का दावा कर सकता है।
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इस आदेश के अनुसार संशोधित वेतनमान पर महंगाई भत्ते में 50 फीसदी की वृद्धि होते ही शिक्षा भत्ते में स्वत: 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी। शिक्षा भत्ते के अलावा सरकार ने हॉस्टल सब्सिडी में भी बढ़ोतरी की है।
स्कूल के प्रधानाध्यापक से लाना होगा प्रमाणपत्र
छठे वेतन आयोग के अनुसार यह सब्सिडी 4500 रुपये मासिक थी, जिसे बढ़ाकर 6750 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा इन सभी भत्तों का पुनर्भुगतान वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर साल में एक बार ही लिया जा सकेगा।
शिक्षा भत्ते के पुनर्भुगतान के लिए कर्मचारी को अपने बच्चे के स्कूल के प्रधानाध्यापक से एक प्रमाणपत्र लाना होगा जिससे यह साबित हो कि उस बच्चे ने पिछले शैक्षणिक सत्र में उस स्कूल में पढ़ाई की है। हॉस्टल सब्सिडी के लिए भी इसी तरह का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा। इसके अलावा इस सब्सिडी का दावा करने वाले कर्मचारी को बच्चे के आवास और खान-पान पर हुए वास्तविक खर्च का ब्योरा भी पेश करना होगा।