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कर्नाटक के PWD मंत्री जरकीहोली के ठिकानों पर ईडी की रेड: सांसद बेटी के परिसर भी खंगाले; कार्रवाई की वजह क्या?
Wed, 09 Sep 2026 10:06 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 09 Sep 2026 10:06 AM IST
सार
ईडी ने कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली और उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 18 ठिकानों पर तलाशी चल रही है। इनमें बंगलूरू की डॉलर्स कॉलोनी स्थित मंत्री का परिसर भी शामिल है। हालांकि, ईडी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कार्रवाई किस मामले की जांच के तहत की जा रही है।
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ईडी की रेड
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बुधवार को कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक जांच के सिलसिले में की जा रही है। जांच के दायरे में मंत्री की सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
मंत्री के बंगलूरू वाले ठिकाने पर भी तलाशी
अधिकारियों ने बताया कि करीब 18 परिसरों की तलाशी ली जा रही है। इनमें 64 वर्षीय मंत्री सतीश जारकीहोली का बंगलूरू के डॉलर्स कॉलोनी स्थित परिसर भी शामिल है। ईडी की टीम इन जगहों पर दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली तक भी पहुंची है। प्रियंका जारकीहोली चिक्कोडी लोकसभा सीट से सांसद हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। इतना ही नहीं, मंत्री के बहनोई वाई मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। एजेंसी के मुताबिक, कार्रवाई संदिग्धों से जुड़े परिसरों में की जा रही है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही जांच से जुड़ा है।
किस मामले में हुई ईडी की कार्रवाई?
ईडी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सतीश जरकीहोली के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में है। एजेंसी के मुताबिक, इसका संबंध जरकीहोली के बहनोई वाई. मंजूनाथ से जुड़े कथित आबकारी मामले से नहीं है। ईडी ने सुरक्षा बलों के साथ तालमेल कर कार्रवाई शुरू की। एजेंसी को जांच के दौरान मिले कुछ इनपुट के आधार पर संदिग्धों से जुड़े परिसरों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, खबर में इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
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सीएम शिवकुमार बोले-भाजपा एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि सतीश जरकीहोली के खिलाफ ईडी की कार्रवाई कोई ऐसी बात नहीं है, जिससे सरकार अनजान हो। शिवकुमार ने कहा कि जरकीहोली वरिष्ठ मंत्री हैं और कारोबार तथा व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सेवा के काम भी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है और मंत्री जांच एजेंसी के हर सवाल का कानूनी और पारदर्शी तरीके से जवाब देंगे। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।
शिवकुमार ने कहा कि इससे पहले पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ भी ईडी की कार्रवाई हुई थी। उनके मुताबिक, उस मामले में जांच आगे बढ़ी और अधिकारियों ने प्रशासनिक स्तर पर हुई गलतियों को लेकर अपनी बात रखी थी। सीएम शिवकुमार ने कहा कि जांच एजेंसियों ने पहले भी पैसा बरामद किया है और नागेंद्र ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रियंक खड़गे को भी निशाना बनाया जा रहा है और केपीएससी मामले को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। शिवकुमार ने दावा किया कि सतीश जरकीहोली के यहां कार्रवाई सरकार के 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले की गई है।
प्रियंक खड़गे और संतोष लाड ने क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने दावा किया कि पिछले छह साल में 196 ईडी रेड हुईं, लेकिन सिर्फ दो मामलों में दोषसिद्धि हुई। उन्होंने कहा कि इनमें 97 प्रतिशत कार्रवाई विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव सीबीआई, आयकर विभाग और ईडी के जरिए लड़ना चाहती है। वहीं मंत्री संतोष लाड ने सतीश जरकीहोली का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और पूरे कांग्रेस नेतृत्व के साथ कर्नाटक के लाखों लोग भी उनके समर्थन में हैं। हालांकि, लाड ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों का सम्मान किया जाना चाहिए और अगर उनके पास कोई जानकारी है तो वे कार्रवाई कर सकती हैं।
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मंत्री के बंगलूरू वाले ठिकाने पर भी तलाशी
अधिकारियों ने बताया कि करीब 18 परिसरों की तलाशी ली जा रही है। इनमें 64 वर्षीय मंत्री सतीश जारकीहोली का बंगलूरू के डॉलर्स कॉलोनी स्थित परिसर भी शामिल है। ईडी की टीम इन जगहों पर दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच कर रही है। ईडी की कार्रवाई सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली तक भी पहुंची है। प्रियंका जारकीहोली चिक्कोडी लोकसभा सीट से सांसद हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। इतना ही नहीं, मंत्री के बहनोई वाई मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। एजेंसी के मुताबिक, कार्रवाई संदिग्धों से जुड़े परिसरों में की जा रही है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही जांच से जुड़ा है।
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किस मामले में हुई ईडी की कार्रवाई?
ईडी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सतीश जरकीहोली के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग मामले में है। एजेंसी के मुताबिक, इसका संबंध जरकीहोली के बहनोई वाई. मंजूनाथ से जुड़े कथित आबकारी मामले से नहीं है। ईडी ने सुरक्षा बलों के साथ तालमेल कर कार्रवाई शुरू की। एजेंसी को जांच के दौरान मिले कुछ इनपुट के आधार पर संदिग्धों से जुड़े परिसरों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, खबर में इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
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सीएम शिवकुमार बोले-भाजपा एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि सतीश जरकीहोली के खिलाफ ईडी की कार्रवाई कोई ऐसी बात नहीं है, जिससे सरकार अनजान हो। शिवकुमार ने कहा कि जरकीहोली वरिष्ठ मंत्री हैं और कारोबार तथा व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सेवा के काम भी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है और मंत्री जांच एजेंसी के हर सवाल का कानूनी और पारदर्शी तरीके से जवाब देंगे। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।
शिवकुमार ने कहा कि इससे पहले पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ भी ईडी की कार्रवाई हुई थी। उनके मुताबिक, उस मामले में जांच आगे बढ़ी और अधिकारियों ने प्रशासनिक स्तर पर हुई गलतियों को लेकर अपनी बात रखी थी। सीएम शिवकुमार ने कहा कि जांच एजेंसियों ने पहले भी पैसा बरामद किया है और नागेंद्र ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रियंक खड़गे को भी निशाना बनाया जा रहा है और केपीएससी मामले को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। शिवकुमार ने दावा किया कि सतीश जरकीहोली के यहां कार्रवाई सरकार के 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले की गई है।
प्रियंक खड़गे और संतोष लाड ने क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने दावा किया कि पिछले छह साल में 196 ईडी रेड हुईं, लेकिन सिर्फ दो मामलों में दोषसिद्धि हुई। उन्होंने कहा कि इनमें 97 प्रतिशत कार्रवाई विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव सीबीआई, आयकर विभाग और ईडी के जरिए लड़ना चाहती है। वहीं मंत्री संतोष लाड ने सतीश जरकीहोली का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और पूरे कांग्रेस नेतृत्व के साथ कर्नाटक के लाखों लोग भी उनके समर्थन में हैं। हालांकि, लाड ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों का सम्मान किया जाना चाहिए और अगर उनके पास कोई जानकारी है तो वे कार्रवाई कर सकती हैं।