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मनी लॉन्ड्रिंग मामला : यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सीएमडी अर्चना भार्गव के दो परिसरों पर ईडी का छापा
Sat, 27 Mar 2021 02:54 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 27 Mar 2021 02:54 AM IST
सार
- ईडी ने बताया कि छापे के परिणाम स्वरूप उसे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सुबूत मिले हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बताया कि उसने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की पूर्व सीएमडी अर्चना भार्गव के दो परिसरों पर छापा मारा। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। भार्गव केनरा बैंक की पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रही हैं।
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ईडी ने एक बयान में कहा कि पूर्व बैंकर के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत और 2018 में दर्ज सीबीआई की एफआईआर के आधार पर की गई।
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया है जोकि 3.63 करोड़ रुपये है। यह संपत्ति विभिन्न सरकारी क्षेत्र की बैंकों में वरिष्ठ पदों पर रहने के दौरान अर्जित की गई। एजेंसी ने बताया कि छापे के परिणाम स्वरूप उसे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सुबूत मिले हैं।
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ईडी ने कहा कि पूर्व बैंकर भार्गव मनी लॉन्ड्रिंग का यह दूसरा मामला है। एक अन्य मामला 2016 में दर्ज सीबीआई की एफआईआर पर आधारित था। इस मामले की जांच हो चुकी है।
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एजेंसी का कहना है कि अर्चना भार्गव ने कोलकाता आधारित फर्जी कंपनियों के जरिए रैंक मर्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में रकम हस्तांतरित की। इस कंपनी का स्वामित्व उनके पति और बेटे का था।
अर्चना 2004 में पंजाब नेशनल बैंक की डिप्टी जनरल मैनेजर और 2008 में जनरल मैनेजर बनीं। वह एक अप्रैल 2011 से 22 अप्रैल 2013 तक केनरा बैंक में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहीं। उन्होंने 23 अप्रैल 2013 को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में चेयरपर्सन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला और वह 20 फरवरी 2014 तक इस पर रहीं।