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RG Kar Case: ED ने कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के करीबी को हिरासत में लिया, संदीप घोष के साथ घटनास्थल पर था मौजूद

Fri, 06 Sep 2024 05:13 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 06 Sep 2024 05:13 PM IST
सार

सात घंटे के ऑपरेशन के बाद ईडी के अधिकारियों ने प्रशुन चटर्जी को सुभाषग्राम के डी पारा इलाके में उनके आवास से हिरासत में लिया। प्रशुन चटर्जी को संदीप घोष का करीबी बताया जा रहा है। वह कई वीडियो में घटनास्थल पर भी संदीप के साथ दिखे।

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ED officials detain Prashun Chatterjee close aide of former principal of RG Kar Medical College Sandip Ghosh
ED - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एक प्रशिक्षु महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबी प्रशुन चटर्जी को हिरासत में लिया। सात घंटे के ऑपरेशन के बाद ईडी के अधिकारियों ने प्रशुन चटर्जी को सुभाषग्राम के डी पारा इलाके में उनके आवास से हिरासत में लिया। प्रशुन चटर्जी को संदीप घोष का करीबी बताया जा रहा है। वह कई वीडियो में घटनास्थल पर भी संदीप के साथ दिखे।
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ईडी अधिकारियों के साथ अपने आवास से बाहर निकलते हुए प्रशुन चटर्जी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, "मैंने ईडी अधिकारियों के सभी सवालों का जवाब दिया।" इस दौरान उनके पड़ोसी बाहर आए और हमें न्याय चाहिए के नारे लगाने लगे। सीबीआई ने संदीप घोष और तीन सहयोगियों को तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था। संदीप घोष के बेलियाघाटा आवास पर भी छापेमारी की गई। उनकी पत्नी ने कहा, "मेरे पति पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। वह बेकसूर है और यह समय के साथ साबित होगा।"
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क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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संदीप घोष पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल रहने के दौरान संदीप घोष पर वित्तीय गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे। ये आरोप आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने लगाए थे। अख्तर अली ने अपनी शिकायत में संदीप घोष पर अस्पताल में लावारिस शवों की तस्करी, बायो-मेडिकल कचरे के निपटान में भ्रष्टाचार, निर्माण निविदाओं में भाई-भतीजावाद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने 19 अगस्त को संदीप घोष के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 24 अगस्त को जांच अपने हाथ में ली थी।



सुप्रीम कोर्ट ने कहा-आरोपी को पक्षकार बनने का अधिकार नहीं
घोष ने अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में पक्षकार बनाने की उनकी याचिका को खारिज करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने यह याचिका ठुकराते हुए कहा कि एक आरोपी के तौर पर घोष को पक्षकार बनने का कोई अधिकार नहीं है।

सीबीआई को स्थिति रिपोर्ट तो देने दीजिए
घोष की याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट ने अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश देने से पहले उनकी बात नहीं सुनी। घोष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि प्रशिक्षु डॉक्टर और भ्रष्टाचार दोनों मामलों की अलग-अलग जांच होनी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा, दोनों की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई को हमें स्थिति रिपोर्ट तो देने दीजिए।

सुप्रीम कोर्ट 9 को करेगा सुनवाई
आरजी कर अस्पताल मामले पर स्वत: सज्ञान लेने वाला सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 9 सितंबर को सुनवाई करेगा। शीर्ष कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 9 सितंबर की वाद सूची के मुताबिक, चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ मामले की सुनवाई करेगी।
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