{"_id":"6919a092580044657e0e7c7e","slug":"ed-freezes-over-100-mule-accounts-seizes-rs-70-lakh-cash-in-cocaine-trafficking-case-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED: ईडी ने ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 110 'म्यूल' बैंक खाते किए फ्रीज, 70 लाख रुपये नकद जब्त","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ED: ईडी ने ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 110 'म्यूल' बैंक खाते किए फ्रीज, 70 लाख रुपये नकद जब्त
Sun, 16 Nov 2025 03:29 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Nov 2025 03:29 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से दिल्ली में ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 110 'म्यूल' बैंक खातों को फ्रीज किया है और करीब 70 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। ईडी ने यह कदम एनसीबी की उस शिकायत के आधार पर उठाया, जिसमें नवंबर 2024 में 82.53 किलो 'हाई-ग्रेड' कोकीन की बरामदगी का मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
ED
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 110 'म्यूल' बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और करीब 70 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। एजेंसी को तलाशी के दौरान दुबई-आधारित क्रिप्टोकरंसी वॉलेट के उपयोग के सबूत भी मिले।
यह भी पढ़ें - Anil Chauhan: 'तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल', अनिल चौहान बोले- नई तकनीक से भविष्य के युद्ध स्मार्ट होंगे
क्या होते हैं 'म्यूल' खाते?
ये वे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अवैध पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। अक्सर इन्हें असली कस्टमर आईडी का दुरुपयोग करके या नकली पहचान के सहारे खोला जाता है।
विज्ञापन
किस मामले में हुई कार्रवाई?
ईडी ने यह कदम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की उस शिकायत के आधार पर उठाया, जिसमें नवंबर 2024 में 82.53 किलो 'हाई-ग्रेड' कोकीन की बरामदगी का मामला दर्ज किया गया था। इस ड्रग की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 900 करोड़ रुपये आंकी गई थी। एनसीबी ने इस मामले में पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर रखा है।
कहां-कहां छापेमारी और क्या मिला छापों में?
ईडी ने 14 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में कुल पांच जगहों पर तलाशी ली। इस दौरान 110 'म्यूल' बैंक खाते फ्रीज (इनमें 73 UPI और डिजिटल वॉलेट से जुड़े खाते शामिल), 70 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज, दुबई आधारित क्रिप्टो वॉलेट के जरिए धन भेजने के सबूत हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन बेटिंग और जुआ नेटवर्क का खुलासा, जो मोबाइल ऐप के जरिये चल रहा था।
यह भी पढ़ें - Russia Oil Import: अक्तूबर में भारत ने रूस से तेल खरीद पर ढाई अरब यूरो खर्च किए, यूरोपीय थिंक टैंक का दावा
इस कार्रवाई पर प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि इन खातों और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन और ड्रग नेटवर्क की कमाई को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Anil Chauhan: 'तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल', अनिल चौहान बोले- नई तकनीक से भविष्य के युद्ध स्मार्ट होंगे
विज्ञापन
क्या होते हैं 'म्यूल' खाते?
ये वे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अवैध पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। अक्सर इन्हें असली कस्टमर आईडी का दुरुपयोग करके या नकली पहचान के सहारे खोला जाता है।
विज्ञापन
किस मामले में हुई कार्रवाई?
ईडी ने यह कदम नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की उस शिकायत के आधार पर उठाया, जिसमें नवंबर 2024 में 82.53 किलो 'हाई-ग्रेड' कोकीन की बरामदगी का मामला दर्ज किया गया था। इस ड्रग की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 900 करोड़ रुपये आंकी गई थी। एनसीबी ने इस मामले में पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर रखा है।
कहां-कहां छापेमारी और क्या मिला छापों में?
ईडी ने 14 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर और जयपुर में कुल पांच जगहों पर तलाशी ली। इस दौरान 110 'म्यूल' बैंक खाते फ्रीज (इनमें 73 UPI और डिजिटल वॉलेट से जुड़े खाते शामिल), 70 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज, दुबई आधारित क्रिप्टो वॉलेट के जरिए धन भेजने के सबूत हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन बेटिंग और जुआ नेटवर्क का खुलासा, जो मोबाइल ऐप के जरिये चल रहा था।
यह भी पढ़ें - Russia Oil Import: अक्तूबर में भारत ने रूस से तेल खरीद पर ढाई अरब यूरो खर्च किए, यूरोपीय थिंक टैंक का दावा
इस कार्रवाई पर प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि इन खातों और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन और ड्रग नेटवर्क की कमाई को छिपाने के लिए किया जा रहा था।