National Herald Case: सोनिया-राहुल की बढ़ी मुश्किलें, ED ने दायर किया आरोपपत्र; इन नेताओं के भी नाम शामिल
National Herald Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की नेशनल हेराल्ड मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से आरोपपत्र दायर किया गया है। बता दें कि, ये पहली बार है जब सोनिया और राहुल गांधी पर किसी मामले में आरोपपत्र दायर हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस मामले में विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा, 'अभियोजन पक्ष की वर्तमान शिकायत पर संज्ञान के पहलू पर अगली बार 25 अप्रैल, 2025 को इस अदालत के समक्ष विचार किया जाएगा, जब ईडी और आईओ के विशेष वकील अदालत के अवलोकन के लिए केस डायरी का पेशी भी सुनिश्चित करेंगे।'
यह भी पढ़ें - SC: 'कानून बनाना अदालत का काम नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने दहेज कानून को लिंग-निरपेक्ष बनाने की याचिका खारिज की
ईडी के आरोपपत्र पर 25 अप्रैल को होगी सुनवाई
ईडी की ओर से दाखिल किए गए आरोपपत्र पर राउज एवेन्यू कोर्ट में 25 अप्रैल को सुनवाई होगी। ईडी की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 44 और 45 के तहत धन शोधन के अपराध के लिए अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़ी संपत्तियों पर कब्जा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
ईडी को सॉफ्ट फॉर्मेट में सभी दस्तावेज पेश करने का निर्देश
जज गोगने ने कहा, शिकायत की जांच और सही तरीके से रजिस्टर होने दीजिए। कोर्ट स्टाफ यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी फाइल और दस्तावेज क्रमबद्ध तरीके से रखे गए हों। ईडी को निर्देश दिया जाता है कि शिकायत और दस्तावेजों की सॉफ्ट प्रति पढ़ने योग्य ओसीआर फॉर्मेट में अगली तिथि को पेश करे।
एक ही अदालत में केस की सुनवाई जरूरी
जज ने कहा, इस अपराध की सुनवाई उसी अदालत में की जानी चाहिए जो पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध का संज्ञान लेती है और चूंकि सोनिया गांधी व राहुल गांधी क्रमशः राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य है, इसलिए अनिवार्य रूप से, दोनों अपराधों यानी पीएमएलए अपराध और विधेय अपराध की सुनवाई एक ही अदालत को करनी चाहिए। अदालत ने कहा, चूंकि वर्तमान आरोपपत्र में लगाए गए आरोप पूर्वगामी अपराध से उत्पन्न हुए थे, इसलिए पूर्वगामी अपराध की फाइल को अवलोकन के लिए मंगाना जरूरी था। हालांकि, किसी मामले को सौंपने या स्थानांतरित करने की शक्ति इस अदालत में निहित नहीं है, बल्कि यह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राउज एवेन्यू कोर्ट का विशेषाधिकार है।
कार्यवाही को मिल रही हैं चुनौतियां
ईडी ने कहा, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने इसे बरकरार रखा है, जिससे जांच आगे बढ़ सकती है। एजेएल नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है, जिसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है।
यह पहली बार है जब कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ किसी मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। बता दें कि, ईडी ने साल 2014 में दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर एजेएल और यंग इंडिया के खिलाफ पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। ईडी ने एजेएल यानी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडिया की अभी तक करीब 751.9 करोड़ रुपये कीमत की प्रॉपर्टी जब्त की है।
यह भी पढ़ें - Kesari Chapter 2: कौन थे शंकरन नायर, केसरी चैप्टर-2 में दिखेगी जिनकी कहानी, पीएम मोदी ने क्यों लिया उनका नाम?
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की स्थापना 1938 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। यह स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक था, इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल की तरफ से प्रकाशित किया जाता था। साल 2008 में वित्तीय संकट के बाद समाचार पत्र बंद हो गया और यहीं से इस विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद 2010 में यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएल) नाम की कंपनी बनीं, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38% हिस्सेदारी है। इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में आरोप लगाया कि वाईआईएल ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया और यह धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है।
ईडी के आरोपपत्र पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
वहीं ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना कानून के शासन का मुखौटा ओढ़कर एक राज्य प्रायोजित अपराध है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करना, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की तरफ से की गई बदले की राजनीति और डराने-धमकाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसका नेतृत्व चुप नहीं बैठेगा। सत्यमेव जयते!
Seizing the assets of the National Herald is a state-sponsored crime masquerading as the rule of law.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 15, 2025
Filing chargesheets against Smt. Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, and some others is nothing but the politics of vendetta and intimidation by the PM and the HM gone completely…