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ED: गोवा में जाली सेल डीड, फर्जी हलफनामे व एनओसी से हासिल की करोड़ों की जमीन, 60.05 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क
Tue, 01 Jul 2025 02:36 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 01 Jul 2025 02:36 PM IST
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ED
- फोटो : Adobe Stock
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पणजी जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एस्टेवन डिसूजा और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में 60.05 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। ये संपत्तियां एस्टेवन डिसूजा की दादी रोजा मारिया डिसूजा के नाम पर हैं। जांच एजेंसी द्वारा यह कुर्की 8 नवंबर 2023 के पहले के अनंतिम कुर्की आदेश (पीएओ) के अतिरिक्त है, जिसके तहत 11.82 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी। इसकी पुष्टि न्यायाधिकरण ने 8 अप्रैल 2024 को की थी।
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ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में गोवा के बारदेज के पिलरने गांव में जमीन के टुकड़े शामिल हैं, जिन्हें जाली बिक्री विलेखों और फर्जी हलफनामे-सह-अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का उपयोग करके अवैध रूप से हासिल किया गया था। ईडी ने गोवा पुलिस द्वारा एस्टेवन डिसूजा और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की। इसमें फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके संपत्ति के स्वामित्व के अवैध हस्तांतरण से जुड़ी धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे अपराध शामिल थे।
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ईडी की जांच से पता चला है कि एस्टेवन डिसूजा ने मोहम्मद सुहैल और अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित भूमि घोटाले में अहम भूमिका निभाई थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने कई उच्च मूल्य वाली संपत्तियों को धोखाधड़ी से हासिल करने के लिए बिक्री विलेखों सहित भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जालसाजी और हेरफेर से जुड़ी एक व्यवस्थित योजना बनाई। फिर इन दस्तावेजों को अवैध लेनदेन को वैधता का दिखावा करने के लिए असली के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
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