फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED: Co-operative Bank scam, bank's management committee siphoned off public deposits, 380 FIRs registered

ED: को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला, बैंक की प्रबंधन समिति ने ही किया लोगों की जमा पूंजी पर हाथ साफ, 380 FIR दर्ज

Mon, 10 Nov 2025 05:57 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 10 Nov 2025 05:57 PM IST
सार

ईडी ने मेसर्स नेमोम सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नेमोम, तिरुवनंतपुरम और अन्य के खिलाफ केरल पुलिस द्वारा दर्ज 24 एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की। आरोप लगाया गया है कि बैंक की प्रबंध समिति ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। अब तक कुल 380 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं।

विज्ञापन
ED: Co-operative Bank scam, bank's management committee siphoned off public deposits, 380 FIRs registered
प्रवर्तन निदेशालय (सांकेतिक) - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय ने एक ऐसे को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के घोटाले का खुलासा किया है, जहां पर लोगों को उनका जमा पैसा ही वापस नहीं दिया गया। बैंक की प्रबंधन समिति ने ही जमा राशि का गोलमाल कर दिया। खाताधारक, अपना पैसा वापस लेने के लिए बैंक के चक्कर काटते रहे, जबकि वह पैसा तो पहले ही बैंक प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने निजी फायदे के लिए निवेश कर दिया था। इस मामले में 380 आपराधिक केस दर्ज हुए थे। ईडी ने बैंक के पदाधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े पांच परिसरों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया। बैंक परिसर से बड़ी संख्या में मैनुअल रिकॉर्ड बरामद हुआ है।

विज्ञापन

 
जांच एजेंसी ने मेसर्स नेमोम सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नेमोम, तिरुवनंतपुरम और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जांच के संबंध में सात नवंबर को तिरुवनंतपुरम में पांच स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी ने मेसर्स नेमोम सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नेमोम, तिरुवनंतपुरम और अन्य के खिलाफ केरल पुलिस द्वारा दर्ज 24 एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की। आरोप लगाया गया है कि बैंक की प्रबंध समिति ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। जनता के सदस्यों से एकत्रित जमा राशि वापस करने में बैंक प्रबंधन विफल रहा। इससे जमाकर्ताओं को वित्तीय नुकसान हुआ।
विज्ञापन


जांच के दौरान, पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज जमाकर्ताओं के बयानों से संकेत मिलता है कि सदस्यों ने बैंक में अपनी बचत जमा की थी, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें निकासी से वंचित कर दिया गया था। तत्कालीन प्रबंध समिति द्वारा वित्तीय प्रबंधन और निर्णय लेने के संबंध में चिंताएं व्यक्त की गईं। आगे की जांच में अधिनियम, नियमों और परिपत्रों के उल्लंघन में जमा स्वीकार करने और ऋण स्वीकृत करने सहित गंभीर प्रक्रियात्मक उल्लंघनों का पता चला है। सहकारी समिति के रजिस्ट्रार की 08.08.2025 की अंतिम रिपोर्ट में 50 करोड़ रुपये तक के धन के दुरुपयोग, जाली दस्तावेजों के निर्माण, अनुमत सीमा से अधिक ऋण स्वीकृत करने, धन के डायवर्जन और समग्र वित्तीय कुप्रबंधन का संकेत दिया गया है। इस कारण बैंक, जमा देनदारियों का सम्मान करने में विफल रहा। यह भी पता चला है कि बैंक घोटाले के संबंध में अब तक 380 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपराध की आय का पता लगाने के लिए, ईडी ने बैंक के पदाधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े पांच परिसरों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया। बैंक परिसर से बड़ी संख्या में मैनुअल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। एक व्यक्ति के नाम पर बनाए गए कुछ फर्जी सावधि जमा प्रमाणपत्र, जिनके आधार पर बैंक और एक अन्य वित्तीय संस्थान से बड़े पैमाने पर ऋण लिए गए थे, जब्त किए गए। जमाकर्ताओं और डिफ़ॉल्ट ऋण खातों से संबंधित हार्ड डिस्क डेटा फोरेंसिक जांच के लिए प्राप्त किया गया है। एक पूर्व सचिव/निदेशक के परिसर से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की 15 मूल सावधि जमा रसीदें और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए। पूर्व अध्यक्ष के परिसर से गिरवी रखे गए दस्तावेजों से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई और उनका बयान दर्ज किया गया।


ईडी के मुताबिक, संबंधित उधारकर्ता, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने लगभग 7.2 करोड़ रुपये का ऋण लिया था, के परिसर से कई संस्थानों से अचल संपत्तियों और संपार्श्विक प्रतिभूतियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। उसका बयान भी दर्ज किया गया। जब्त किए गए दस्तावेजों और एकत्रित सामग्रियों का विश्लेषण धन के स्रोत, वित्तीय संबंधों और सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने के लिए किया जा रहा है। केस में आगे की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed