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ED: 61 लाख रुपये बचाने के लिए खुले क्षेत्र में किया भैंसों के अवशेषों का निपटान, प्रदूषित हो गया भूजल

Wed, 13 Aug 2025 08:07 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 13 Aug 2025 08:07 PM IST
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ED buffalo remains Disposal in open area to save Rs 61 lakh, ground water got polluted
पीएसीएल मामले में ईडी ने 762 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की - फोटो : ANI

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स अल कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत, हैदराबाद के समक्ष अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। न्यायालय ने 05.08.2025 को उक्त पीसी का संज्ञान लिया है।

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ईडी ने विशेष न्यायालय में तेलंगाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएसपीसीबी) द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट, संगारेड्डी, तेलंगाना ने मेसर्स अल कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सीसी नंबर 284/2017 के तहत शिकायत का संज्ञान लिया था। उक्त शिकायत के अनुसार, मेसर्स अल कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जो जमे हुए भैंस के मांस के प्रसंस्करण में लगी हुई थी, ने टीएसपीसीबी से अनुमति ली थी कि परिसर में पशु वध के दौरान उत्पन्न होने वाले सभी ठोस कचरे को उचित रूप से वर्गीकृत किया जाएगा। टीएसपीसीबी के मानदंडों के अनुसार निपटान किया जाएगा। 
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हालाँकि, कंपनी ने जमे हुए भैंस के मांस के प्रसंस्करण में उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के उपचार के लिए टीएसपीसीबी द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं किया। कंपनी ने जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 24 और 43 के तहत अपराध किया।ईडी की जांच से पता चला कि मेसर्स अल कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने परिसर में उत्पन्न खतरनाक ठोस मांस अपशिष्ट के उपचार की वैधानिक आवश्यकता का पालन नहीं किया। इसके बजाय, कंपनी ने खुले क्षेत्र में खतरनाक कचरे का निपटान किया। 
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इसके परिणामस्वरूप आसपास के क्षेत्रों में सतह और भूजल प्रदूषित हो गया। ईडी की जांच से यह भी पता चला कि उक्त अनुसूचित अपराध को अंजाम देकर कंपनी ने 61 लाख रुपये की अपराध की आय अर्जित की। उक्त राशि का उपयोग खतरनाक कचरे के उपचार के लिए करने के बजाय, मेसर्स अल कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक द्वारा अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया था। ईडी ने इस मामले में पहले रुपये की सावधि जमा के रूप में चल संपत्ति जब्त की थी। ये 61 लाख रुपये मेसर्स अल्कबीर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित हैं।

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