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ED: प्रवर्तन निदेशालय ने WTC ग्रुप के प्रमोटर को किया गिरफ्तार, धनशोधन मामले में एजेंसी ने की कार्रवाई
Fri, 07 Mar 2025 03:40 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 07 Mar 2025 03:40 PM IST
सार
ईडी ने रियल्टी समूह डब्ल्यूटीसी के प्रमोटर आशीष भल्ला को घर खरीदने वालों के धन से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आशीष भल्ला को गुरुवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया और गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने उन्हें छह दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
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ED
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली-एनसीआर में मौजूद रियल एस्टेट डब्ल्यूटीसी ग्रुप के प्रमोटर आशीष भल्ला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक धनशोधन की जांच करने वाली एजेंसी ने उन्हें पीएमएलए के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है। वहीं इस मामले में गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने उन्हें छह दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
जांच एजेंसी ने क्या-क्या लगाए हैं आरोप?
मामले में एजेंसी ने आरोप लगाया कि प्लॉट या वाणिज्यिक स्थानों के बदले निवेश के बदले सुनिश्चित रिटर्न का वादा करने के बाद, डब्ल्यूटीसी ने जमाकर्ताओं के धन को डायवर्ट किया और इसे कई जगहों पर भूमि अधिग्रहण करने के लिए कई शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि सिंगापुर में संदिग्ध संस्थाओं को भी सैकड़ों करोड़ रुपये डायवर्ट किए गए, जिनका लाभकारी स्वामित्व आशीष भल्ला के परिवार के सदस्यों के पास है।
आशीष भल्ला के कई ठिकानों पर की गई छापेमारी
जांच के दौरान, यह पाया गया कि डब्ल्यूटीसी समूह ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, अहमदाबाद और पंजाब जैसे कई राज्यों के कई निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए। ईडी की यह कार्रवाई 27 फरवरी को भूटानी ग्रुप और उसके प्रमोटर आशीष भूटानी के अलावा डब्ल्यूटीसी ग्रुप और आशीष भल्ला के कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद हुई है।
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वहीं आरोप है कि छापेमारी के दौरान आशीष भल्ला फरार रहा और उसने जांच में सहयोग न करने के लिए प्रमुख लोगों को प्रेरित किया। ईडी के अनुसार, वह समूह की धोखाधड़ी गतिविधियों का प्रमुख लाभार्थी और मास्टरमाइंड है और उसने इस योजना के माध्यम से अवैध लाभ कमाया है। ये मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और फरीदाबाद पुलिस की तरफ से डब्ल्यूटीसी ग्रुप और उसके प्रमोटरों आशीष भल्ला, सुपर्णा भल्ला, अभिजीत भल्ला, भूटानी इंफ्रा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों की तरफ से सैकड़ों घर खरीदारों के खिलाफ धोखाधड़ी के लिए दर्ज किए गए दर्जनों एफआईआर से उपजा है।
भूटानी इन्फ्रा ने डब्ल्यूटीसी से तोड़े सभी संबंध
ये पुलिस केस सैकड़ों घर खरीदारों और निवेशकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए थे। भूटानी इन्फ्रा ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा कि उसने इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी समूह के साथ सभी संबंध तोड़ लिए हैं और अब वह ईडी के साथ अपनी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। वहीं डब्ल्यूटीसी समूह की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।
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जांच एजेंसी ने क्या-क्या लगाए हैं आरोप?
मामले में एजेंसी ने आरोप लगाया कि प्लॉट या वाणिज्यिक स्थानों के बदले निवेश के बदले सुनिश्चित रिटर्न का वादा करने के बाद, डब्ल्यूटीसी ने जमाकर्ताओं के धन को डायवर्ट किया और इसे कई जगहों पर भूमि अधिग्रहण करने के लिए कई शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि सिंगापुर में संदिग्ध संस्थाओं को भी सैकड़ों करोड़ रुपये डायवर्ट किए गए, जिनका लाभकारी स्वामित्व आशीष भल्ला के परिवार के सदस्यों के पास है।
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आशीष भल्ला के कई ठिकानों पर की गई छापेमारी
जांच के दौरान, यह पाया गया कि डब्ल्यूटीसी समूह ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, अहमदाबाद और पंजाब जैसे कई राज्यों के कई निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए। ईडी की यह कार्रवाई 27 फरवरी को भूटानी ग्रुप और उसके प्रमोटर आशीष भूटानी के अलावा डब्ल्यूटीसी ग्रुप और आशीष भल्ला के कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद हुई है।
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वहीं आरोप है कि छापेमारी के दौरान आशीष भल्ला फरार रहा और उसने जांच में सहयोग न करने के लिए प्रमुख लोगों को प्रेरित किया। ईडी के अनुसार, वह समूह की धोखाधड़ी गतिविधियों का प्रमुख लाभार्थी और मास्टरमाइंड है और उसने इस योजना के माध्यम से अवैध लाभ कमाया है। ये मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और फरीदाबाद पुलिस की तरफ से डब्ल्यूटीसी ग्रुप और उसके प्रमोटरों आशीष भल्ला, सुपर्णा भल्ला, अभिजीत भल्ला, भूटानी इंफ्रा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों की तरफ से सैकड़ों घर खरीदारों के खिलाफ धोखाधड़ी के लिए दर्ज किए गए दर्जनों एफआईआर से उपजा है।
भूटानी इन्फ्रा ने डब्ल्यूटीसी से तोड़े सभी संबंध
ये पुलिस केस सैकड़ों घर खरीदारों और निवेशकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए थे। भूटानी इन्फ्रा ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा कि उसने इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूटीसी समूह के साथ सभी संबंध तोड़ लिए हैं और अब वह ईडी के साथ अपनी जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। वहीं डब्ल्यूटीसी समूह की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।