ED: ईडी भाजपा व केंद्र सरकार का 'पोलिटिकल टूल', केरल के माकपा नेता इसाक का आरोप
इसाक ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी भाजपा का राजनीतिक औजार है। वे अपने राजनीतिक विरोधियों को अलग-थलग करने, गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने या विपक्षी द्वारा शासित राज्य सरकारों को गिराने के लिए ईडी का इस्तेमाल करते हैं।
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केरल के वरिष्ठ माकपा नेता थॉमस इसाक ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भाजपा नीत केंद्र सरकार का 'पोलिटिकल टूल' या राजनीतिक औजार से ज्यादा कुछ नहीं है। केंद्र सरकार इसका इस्तेमाल कर केरल की विकास योजनाओं को ठप करना और केआईआईएफबी (KIIFB) को आर्थिक रूप से तबाह करना चाहती है।
इसाक ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी भाजपा का राजनीतिक औजार है। वे अपने राजनीतिक विरोधियों को अलग-थलग करने, गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने या विपक्षी द्वारा शासित राज्य सरकारों को गिराने के लिए ईडी का इस्तेमाल करते हैं। केरल के पूर्व मंत्री इसाक ईडी द्वारा उन्हें जारी किए गए समन के बारे में पत्रकारों से बात कर रहे थे, उन्होंने ईडी के समन के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि वे हाईकोर्ट का फैसला आने तक ईडी के समक्ष पेश नहीं होंगे।
ईडी ने माकपा के नेता इसाक को नोटिस जारी किया है। उन्हें यह नोटिस केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के वित्तीय लेनदेन में उल्लंघन की जांच के सिलसिले में दिया गया है। उस समय थॉमस केरल की एलडीएफ सरकार में वित्त मंत्री थे।
इसाक ने कहा कि केंद्र व भाजपा जनता के बीच यह विश्वास पैदा करना चाहती है कि केआईआईएफबी में भारी अनियमितताएं हैं। केरल को वित्तीय बर्बादी में धकेलने के केंद्र के प्रयास सफल नहीं होंगे। वह केंद्रीय करों में केरल की हिस्सेदारी या जीएसटी में हिस्सेदारी को नहीं रोक सकता। केंद्र राज्य में लगाए जाने वाले करों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने लगाया था आरोप
पिछले साल केरल विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केआईआईएफबी के कामकाज की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था। आरोप था कि नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने इसके वित्तीय लेनदेन की आलोचना की थी।