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ECI: 'शुद्ध मतदाता सूची ही लोकतंत्र की असली ताकत', SIR पर विपक्ष के सवालों के बीच ज्ञानेश कुमार का जवाब

Wed, 21 Jan 2026 08:13 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 21 Jan 2026 08:13 PM IST
सार

देशभर में मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि शुद्ध मतदाता सूची ही लोकतंत्र मजबूत करती है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में पिछले साल सूची संशोधन के दौरान कोई शिकायत नहीं हुई और एक भी री-पोलिंग की जरूरत नहीं पड़ी।

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ECI Gyanesh Kumar amidst opposition questions on SIR Said clean voter list is the true strength of democracy
ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त - फोटो : ANI

विस्तार

देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच चुनाव आयोग ने अपना रुख साफ किया है। आयोग ने एसआईआर को लेकर विपक्ष के सवालों के बीच बुधवार को कहा कि शुद्ध मतदाता सूची ही लोकतंत्र को मजबूत करने की कुंजी है। यह बात मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन संगोष्ठी (IICDEM-2026) के उद्घाटन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि बिहार में पिछले साल हुए मतदाता सूची संशोधन के दौरान किसी भी मतदाता की शामिल या हटाने की कार्रवाई को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।

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वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में किसी भी एक लाख मतदान केंद्रों पर एक भी री-पोलिंग (दोबारा मतदान) की जरूरत नहीं पड़ी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कानून के अनुसार हर मतदाता को शामिल करने वाली शुद्ध मतदाता सूची ही लोकतंत्र को मजबूत करती है और इसके आधार पर आयोजित सभी चुनाव निष्पक्ष होंगे। 
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विपक्ष के सवाल और ज्ञानेश कुमार का जवाब
ज्ञानेश कुमार ने आगे बताया कि बिहार में मतदाता सूची संशोधन और चुनाव संचालन में स्थानीय चुनाव मशीनरी ने बहुत दक्षता दिखाई। विपक्षी दल इस विशेष मतदाता सूची संशोधन पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं कि यह वोटों में हेरफेर का एक प्रयास है, लेकिन सरकार और आयोग ने इसे खारिज कर दिया है।
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एसआईआर का दूसरा चरण
बता दें कि विशेष मतदाता सूची संशोधन का दूसरा चरण 4 नवंबर, 2025 से अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ था। असम में अलग से ‘विशेष संशोधन’ जारी है। आयोग का कहना है कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य जन्म स्थान की जांच कर अवैध प्रवासियों को हटाना है, खासकर बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोगों को।

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह ने क्या कहा?
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि नागरिकों का चुनाव प्रबंधन संस्थाओं पर रखा विश्वास अनमोल है। हर चुनाव के केंद्र में नागरिक होता है और यह सुनिश्चित करना चुनाव प्रबंधन संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि उनके चुनावी अधिकारों का सम्मान हो।

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दूसरी ओर आयोग के सदस्य विवेक जोशी ने कहा कि IICDEM-2026 सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकाय, शोधकर्ता और छात्र भाग ले रहे हैं, जो चुनावों के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर अपने-अपने संस्थानों में योगदान देंगे।  गौरतलब है कि इस सम्मेलन में लगभग 100 प्रतिनिधि करीब 70 देशों से शामिल हुए हैं, और यह भारत में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन है।

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