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पहले जेल की रोटी खाओ: अनिल देशमुख को जज ने नहीं दी घर का खाना मंगवाने की इजाजत, 14 दिन के लिए सलाखों में
Mon, 15 Nov 2021 04:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 15 Nov 2021 04:42 PM IST
सार
कोर्ट ने 71 वर्षीय राकांपा नेता देशमुख को उनकी सेहत की स्थिति को देखते हुए जेल में बिस्तर की इजाजत दे दी।
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अनिल देशमुख
- फोटो : ANI
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विस्तार
भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल वारंट जारी होने के दौरान उन्होंने कोर्ट से गुहार की कि उन्हें जेल में घर का खाना बुलवाने की इजाजत दी जाए। इस पर जज ने कहा, 'पहले जेल का खाना खाओ, यदि नहीं खा सकोगे तो फिर हम विचार करेंगे।'
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कोर्ट ने 71 वर्षीय राकांपा नेता देशमुख को उनकी सेहत की स्थिति को देखते हुए जेल में बेड की इजाजत दे दी। देशमुख को एक नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे मुंबई में उनके कार्यालय में 12 घंटे तक पूछताछ करने के बाद गिरफ्तारी की। केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा अप्रैल में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने देशमुख के खिलाफ जांच शुरू की थी। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख परमबीर सिंह पर ₹100 करोड़ की रिश्वत के आरोप से जुड़ा है।
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ईडी का कहना है कि देशमुख ने गृह मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की मदद से मुंबई के बार और रेस्तरां से 4.70 करोड़ रुपये एकत्र किए। उधर, देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है और तर्क दिया है कि एजेंसी का मामला एक दागी पुलिस अधिकारी (सचिन वाजे) के दुर्भावनापूर्ण बयानों पर आधारित है।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा इस साल के आरंभ में लगाए गए आरोपों के बाद देशमुख को महाराष्ट्र का गृह मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने आईपीएस परमबीर सिंह के खिलाफ भी अवैध वसूली के केस दर्ज किए हैं। इन मामलों में सिंह के करीबी पुलिस अधिकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि वह कई दिनों से लापता हैं।
सचिन वाजे की न्यायिक हिरासत 15 नवंबर तक बढ़ी
वहीं, जबरन वसूली मामले में बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को सोमवार को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वाजे इससे पहले मुंबई पुलिस क्रेडिट शाखा की पुलिस हिरासत में थे। गत 23 जुलाई को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, सचिन वाजे और अन्य के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।
क्या है मामला?
एनआईए ने मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के पास विस्फोटक से भरी एसयूवी मिलने और व्यापारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले की जांच के संबंध में सहायक पुलिस निरीक्षक वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वाजे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इससे पूर्व कोर्ट ने वाजे को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने जाने का निर्देश दिया था।
‘जेल का खाना खाकर तो देखिए’ कहने वाले जज का तबादला
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को कुछ दिन जेल का खाना खाकर तो देखिए कहने वाले विशेष न्यायाधीश का तबादला कर दिया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि विशेष न्यायाधीश एचएस सतभाई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, केलापुर, जिला यवतमाल के रूप में तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित और नियुक्त कर रहा है।
विशेष न्यायाधीश सतभाई इस साल जुलाई से मुंबई के सत्र न्यायालय में सांसदों व विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने सोमवार को देशमुख को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इत्तेफाक से उसी दिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनका तबादला आदेश भी जारी किया।
देशमुख के मामले के अलावा वह कथित महाराष्ट्र सदन घोटाले के संबंध में महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ एक मामले की भी सुनवाई कर रहे थे। हालांकि बाद में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया गया। वह पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता एकनाथ खडसे से जुड़े कथित पुणे भूमि सौदे के मामले की भी सुनवाई कर रहे थे।