अध्ययन: बच्चों में हिंसक व्यवहार के शुरुआती संकेत 6 माह में ही; एक साल की उम्र में दिख सकता है असर
बंगलूरू में 195 मां-बच्चों पर हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि छह महीने की उम्र में बच्चे का ज्यादा चिड़चिड़ा होना और उसके रोने पर मां की कम संवेदनशील प्रतिक्रिया का संबंध एक साल की उम्र में उसके आक्रामक व्यवहार से हो सकता है। यानी बच्चे के व्यवहार को समझने की शुरुआत बहुत छोटी उम्र से ही जरूरी है। यह अध्ययन इन्फेंट बिहेवियर एंड डेवलपमेंट जर्नल में प्रकाशित हुआ।
हिंसक व्यवहार के पीछे केवल एक ही वजह नहीं
इसमें निमहांस बेंगलुरु, सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल और मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता शामिल थे। मनोवैज्ञानिक डॉ. एके शर्मा का कहना है कि किसी बच्चे के हिंसक व्यवहार के पीछे एक ही वजह मानना सही नहीं है। यह देखना जरूरी है कि बच्चे ने घर या आसपास मारपीट और हिंसा देखी है या नहीं, उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ है या वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा है।