अजित पवार बोले- पहले 50 लाख में पाला बदल लेते थे MLA
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार को सोलापुर जिले में हुई पार्टी बैठक में पवार ने कहा कि पहले 50-50 लाख रुपये में विधायक पाला बदल लेते थे, लेकिन अब कॉर्पोरेटर भी इतने पैसे में हिलते नहीं है।
पवार ने बैठक में राज्य की विलासराव देशमुख सरकार का वक्त याद दिलाया कि उनको विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए उन्हें बेंगलुरु भेजना पड़ा था। पवार ने कहा, 'विधायकों की खरीद-फरोख्त और दल-बदल के डर से विलासराव देशमुख हतोत्साहित हो गए थे और उस वक्त विधायकों को बेंगलुरु भेजना पड़ा, क्योंकि तब 50 लाख रुपये में विधायक पाला बदल लेते थे।'
इससे पहले भी विवादों में घिर चुके हैं अजीत पवार
शरद पवार के भतीजे अजित ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे दल-बदलुओं को अपनी पार्टी में न शामिल करें। अजित पवार 2013 में तब विवाद में घिर गए थे, जब पानी की कमी को लेकर 55 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “अगर बांध में पानी नहीं है तो क्या हम उसमें पेशाब कर दें?” अजित पवार उस समय राज्य के जल संसाधन मंत्री थे।
इसके बाद साल 2014 में भी अजित पवार ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के चुनाव क्षेत्र में जाकर कहा था, 'अगर वोटरों ने सुप्रिया को वोट नहीं दिया तो वह क्षेत्र की जलापूर्ति बंद करा देंगे।'
अजित पवार पर महाराष्ट्र के लवासा में अगस्त 2002 में जमीन को लीज पर देने के मामले में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा। साल 2012 में महाराष्ट्र के एक नौकरशाह ने अजित पवार पर अरबों रुपये के घोटाले के आरोप लगाया था।