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भारत-रूस संबंध: परमाणु,अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर बात, हिंद-प्रशांत पर भी हुई चर्चा

Wed, 07 Apr 2021 04:07 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 07 Apr 2021 04:07 AM IST
सार

  • भारत-रूस के विदेश मंत्रियों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जताई प्रतिबद्धता

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EAM S Jaishankar says India-Russia talk on cooperation in nuclear space and defence sector also discussion on Indo-Pacific region
India and russia - फोटो : iStock

विस्तार

भारत और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच परमाणु, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भागीदारी सहित द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों और भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भारत ने रूस के समक्ष अपनी राय भी रखी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को भारत दौरे पर आए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, हमारी बातचीत व्यापक और सार्थक रही। सकारात्मक आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी प्रतिबद्धता जताई गई।

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जयशंकर ने कहा, तेजी से बदलती दुनिया में भारत-रूस के रिश्ते और मजबूत हुए हैं। हमारा द्विपक्षीय सहयोग ऊर्जावान बना हुआ है। हमारी ज्यादातर बातचीत इस साल के आखिर में होने जा रहे भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बारे में हुई। हमने तेजी से बढ़ते हमारे ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने कोविड-19 के टीकों के बारे में सहयोग को लेकर भी चर्चा की।
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जयशंकर ने कहा, हमारे बीच अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कॉरिडोर और चेन्नई-व्लाडिवोस्टक समुद्री कॉरिडोर समेत संपर्कों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भारत के गगनयान मिशन के लिए रूस के सहयोग पर गहरा आभार भी जताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लॉवरोव ने कहा, हम आपसी सहयोग को और गहरा बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। हमने ‘मेड इन इंडिया’ के तहत भारत में रक्षा क्षेत्र में सहयोग एवं हथियारों के विनिर्माण के बारे में चर्चा की।
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अफगानिस्तान में जो भी होता है इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर
जयशंकर ने कहा, हमने अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी बातचीत की। दरअसल, अफगानिस्तान में और उसके आस-पास जो भी होता है, उसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ता है। जयशंकर ने बताया कि हमारे बीच साल के आखिर में होने वाली वार्षिक शिखर बैठक के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा की तैयारियों के बारे में चर्चा की गई।


चीन के साथ भविष्य में कोई सैन्य समझौता नहीं: रूस
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से पूछा गया कि क्या रूस भविष्य में चीन के साथ सैन्य समझौता करने की योजना बना रहा है? इस पर रूसी मंत्री ने कहा रूस और चीन के बीच किसी सैन्य समझौते की कोई योजना नहीं है। हम कुछ चीजों के लिए समावेशी सहयोग चाहते हैं, न कि किसी के खिलाफ।

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