EAM: 'ई-वीजा ने यात्रा को और सुखद बनाया', पर्यटन के महत्व पर जयशंकर ने कहा- मैं गब्बर सिंह के ठिकाने पर गया था
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दिल्ली में पर्यटन के महत्व पर बात करते हुए कहा कि ई-वीजा ने भारत की यात्रा को और सुखद बना दिया है। उन्होंने फिल्म शोले के 50वीं वर्षगांठ को उद्गबोधित करते बताया कि वे उस जगह पर गए थे, जहां पर गब्बर सिंह का ठिकाना था। लोग अब भी फिल्म को फिर से जीने की कोशिश करते हैं।
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#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar says, "We are definitely living in a volatile and uncertain era, having experienced the successive impact of the COVID pandemic, of multiple conflicts, many of which are still going on, and of trade upheavals. Those nations with a robust… pic.twitter.com/0dqtf6Q2e4
— ANI (@ANI) August 13, 2025विज्ञापन
ई-वीजा ने यात्रा को सुखद बनाया- जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, 'ई-वीजा की प्रथा ने भारत की यात्रा को और भी सुखद बना दिया है। दुनिया के लिए भारत का संदेश स्पष्ट रूप से ज्यादा मजबूत है, लेकिन इसके साथ ही भारत में यात्रा करना भी बहुत आसान हो गया है। पिछले एक दशक में हमारे हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है। रेलवे में भी काफ़ी बदलाव आया है। पहुंच और गुणवत्ता, दोनों ही दृष्टि से बदलाव। राजमार्गों में फिर से नाटकीय बदलाव आया है।'
#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar says, "...The practice of e-visas has made visiting India so much more pleasant. The messaging of India to the world is clearly stronger, but it is paralleled by also making travelling in India much easier. Our airports alone have doubled in… pic.twitter.com/mSCGKuyd5C
— ANI (@ANI) August 13, 2025
इस दौरान विदेश मंत्री ने कहा, 'यह साल फिल्म शोले की 50वीं वर्षगांठ है। मैं वास्तव में उस जगह गया था, जो गब्बर सिंह का ठिकाना था। मैंने वहां एक रिसॉर्ट देखा क्योंकि आज पर्यटन इस हद तक बढ़ गया है कि लोग वास्तव में उन फिल्मों को फिर से जीने की कोशिश करते हैं जो उनके लिए उनकी युवावस्था की यादगार यादें हैं।'
#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar says, "...This is the 50th anniversary of the movie Sholay. I actually went to the place, which was Gabbar Singh's hideout. I saw a resort there because today tourism has grown to a point where people actually try to relive the movies that, for… pic.twitter.com/dkV5D61tFH
— ANI (@ANI) August 13, 2025
'अपने पैरों पर मजबूती से खड़े होना आवश्यक'
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आगे कहा, 'अनिश्चितता के समय में अपने पैरों पर मजबूती से खड़े होना आवश्यक है। आत्मनिर्भरता, निस्संदेह, वैश्विक उथल-पुथल से निपटने की मानसिकता है। लेकिन यह हमारे आत्मविश्वास को मजबूत करने, हमारी लचीलापन बढ़ाने और विकसित भारत की नींव रखने का आधार भी है।' 'हम एक सभ्य राष्ट्र हैं, एक ऐसा समाज जिसने समय की कसौटी पर खरा उतरा है और अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को पोषित किया है। हमारी असली ताकत हमारे लोग और उनका आत्मविश्वास रहे हैं। हमने प्रतिकूलताओं पर विजय प्राप्त की है और प्रगति एवं समृद्धि की यात्रा में हमने कई चुनौतियों का सामना किया है। हमारे पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है और दुनिया के साथ साझा करने के लिए भी बहुत कुछ है... हालांकि हमें इस तरह के खुलेपन से हमेशा लाभ होगा, लेकिन अप्रत्याशितता के समय में अपने पैरों पर मजबूती से खड़े होना आवश्यक है। आत्मनिर्भरता, निस्संदेह, वैश्विक उथल-पुथल से निपटने की मानसिकता है। लेकिन यह यह हमारे आत्मविश्वास को मजबूत करने, हमारी लचीलापन बढ़ाने और विकसित भारत की नींव रखने का आधार है।'
#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar says, "...it is essential in times of unpredictability to stand firmly on our own feet. Atmanirbharta is, of course, the mindset to deal with global turbulence. But it is also the basis to strengthen our self-confidence, to increase our… pic.twitter.com/zLSauWmUj5
— ANI (@ANI) August 13, 2025
अगले हफ्ते रूस जाएंगे विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले हफ्ते रूस की राजधानी मॉस्को जाएंगे, जहां वे अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से अहम बातचीत करेंगे। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में थोड़ी खटास आ गई है। जयशंकर का यह दौरा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की हालिया रूस यात्रा के कुछ दिन बाद हो रहा है। डोभाल ने मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कई शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान पुतिन के भारत दौरे की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। रूस के विदेश मंत्रालय के उप-प्रवक्ता अलेक्सी फडेयेव ने कहा है कि दोनों देशों के विदेश मंत्री द्विपक्षीय संबंधों के 'सबसे अहम मुद्दों' पर चर्चा करेंगे। जयशंकर दो दिन रूस में रहेंगे। इस दौरान वे न केवल लावरोव के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे, बल्कि संभव है कि राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात करें। वे भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। इस आयोग में व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान-तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बात होती है। रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव करेंगे।