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FSSAI: जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थ अब नहीं भेज सकेंगीं ई-कॉमर्स कंपनियां, एफएसएसएआई ने तय की सीमा

Tue, 12 Nov 2024 11:00 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 12 Nov 2024 11:00 PM IST
सार

ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की डिलीवरी कर रहीं ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर लगातार एफएसएसएआई को शिकायतें मिल रही थीं। इसे लेकर खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सभी ई-कॉमर्स खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) की बैठक बुलाई।

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E-commerce companies will no longer be able to send perishable food items, FSSAI sets limit
एफएसएसएआई - फोटो : Social Media

विस्तार

अब खाद्य पदार्थों की डिलीवरी करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थ नहीं भेज सकेंगीं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य पदार्थों की सीमा तय की है। प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स कंपनियों से कहा है कि वह ऐसे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति न करें जिनकी एक्सपायरी डेट नजदीक हो। ग्राहकों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट कम से कम 45 दिन होनी चाहिए। साथ ही लंबे समय तक न चलने वाले खाद्य पदार्थों की भी शेल्फ लाइफ कम से कम 30 फीसदी होनी चाहिए। 

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ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की डिलीवरी कर रहीं ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर लगातार एफएसएसएआई को शिकायतें मिल रही थीं। इसे लेकर खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सभी ई-कॉमर्स खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) की बैठक बुलाई। इसमें सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी गंजी कमला वी राव ने ई-कॉमर्स एफबीओ ऐसे व्यवहार अपनाने को कहा जिसके तहत उपभोक्ताओं को डिलीवरी के समय खाद्य उत्पाद की न्यूनतम शेल्क लाइफ का ध्यान रखने के लिए कहा गया।
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बैठक में राव ने स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स से बेचे किसी भी उत्पाद के दावे उत्पाद लेबल पर दी गई जानकारी के अनुरूप होने चाहिए और एफएसएसएआई के लेबलिंग और प्रदर्शन विनियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने एफबीओ को ऑनलाइन बिना समर्थन वाले दावे करने के खिलाफ भी आगाह किया। नियामक ने कहा, इससे भ्रामक जानकारी को रोका जा सकेगा और उपभोक्ताओं के सटीक उत्पाद विवरण प्राप्त करने के अधिकार की रक्षा होगी।
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उन्होंने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में ऑनलाइन प्लेटफार्म की भूमिका भी बताई। उन्होंने कहा कि कोई भी एफबीओ वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण के बिना किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर काम नहीं कर सकता है। उन्होंने एफबीओ को खाद्य उत्पादों की समय पर डिलीवरी देने के लिए कर्मियों को उचित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।  

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