फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Drug Syndicate Exposed: ‘Gudang Garam’ Cigarettes, Betel Nuts Used as Cover; ISI Agent and Afghan National Inv

अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट: 'गुडांग गरम सिगरेट' व 'सुपारी' का राज,  आईएसआई एजेंट और अफगान नागरिक की मिलीभगत

Tue, 22 Sep 2026 05:09 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 22 Sep 2026 05:09 PM IST
विज्ञापन
Drug Syndicate Exposed: ‘Gudang Garam’ Cigarettes, Betel Nuts Used as Cover; ISI Agent and Afghan National Inv
ईडी एक्शन - फोटो : amarujala.com

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हेडक्वार्टर ऑफिस ने पिछले सप्ताह गौरव डावर (अशोक डावर का पिता) को प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी ड्रग्स (हेरोइन) के बड़े पैमाने पर इंपोर्ट से जुड़े एक मामले में की गई। इसमें ड्रग्स को सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क (पाउडर) में छिपाकर लाया गया। दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में इससे जुड़े नशीले पदार्थों की बरामदगी भी हुई थी। आरोपी गौरव डावर को नई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट (वेस्ट डिस्ट्रिक्ट) में स्पेशल जज (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया। अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट में 'गुडांग गरम सिगरेट' व 'सुपारी' की खेप के जरिए ड्रग्स का आदान प्रदान हुआ। अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी 'आईएसआई' एजेंट और अफगान नागरिक की मिलीभगत बताई गई है। 

विज्ञापन


अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई का सिंडिकेट 
ईडी ने यह जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर हरप्रीत सिंह तलवार और अन्य लोगों के खिलाफ ड्रग तस्करी की गतिविधियों के लिए यूएपीए, 1967, एनडीपीएस एक्ट, 1985 और आईपीसी, 1860 के तहत दर्ज की गई थी। इससे पहले एनआईए ने इस मामले में छह चार्जशीट दाखिल की थीं, जिनमें कई आरोपियों पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से चलने वाले इंटरनेशनल ड्रग तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। 
विज्ञापन


हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए 74 करोड़ 
यह सिंडिकेट मास्टरमाइंड वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई (एक वांटेड आरोपी) के साथ-साथ पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों और अफगान नागरिकों के साथ मिलकर काम कर रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से हुई 74 करोड़ रुपये की कमाई हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजी गई। इसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया गया। ईडी की जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित सामान की तस्करी, ड्रग्स से हुई कमाई के बंटवारे और हवाला ऑपरेशन के जरिए कुल 89 करोड़ रुपये की 'अपराध से हुई कमाई' (पीओसी) जमा की गई। इसमें एनआईए द्वारा शुरू में पहचाने गए 74 करोड़ रुपये का हवाला भी शामिल है। इस प्रक्रिया में जमा हुई और भी 'अपराध से हुई कमाई' का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामान के रूप में मिला भुगतान 
इस मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत कई बार तलाशी ली गई है, जिसमें सबसे हालिया तलाशी 15 जुलाई और 17 जुलाई के बीच ली गई। जांच में यह भी पता चला कि गौरव डावर ने सह-आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार के साथ मिलकर, अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा भेजे गए नशीले पदार्थों की खेप की तस्करी में मदद करने के बदले सामान के रूप में और हवाला के ज़रिए भुगतान लिया। साजिशकर्ताओं को सामान के रूप में मिले भुगतान में मास्टरमाइंड राजू दुबई से मिली प्रतिबंधित चीजें जैसे "गुडांग गरम सिगरेट", "सुपारी" की खेप (जिसमें सूखे खजूर, परफ्यूम आदि शामिल थे) शामिल हैं। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि गौरव डावर ने तस्करी में मदद करने के लिए दुबई जाने पर कई बार सीधे राजू दुबई से एईडी में नकद पैसे लिए।


दिल्ली के प्लेबॉय क्लब और व्हाइट क्लब में निवेश 
जांच में यह भी पता चला कि नशीले पदार्थों की तस्करी और प्रतिबंधित सामान की तस्करी से हुई अवैध कमाई को व्यवस्थित तरीके से कमर्शियल हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स, नाइट क्लबों और लग्जरी संपत्तियों में लगाया गया। गौरव डावर ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर दिल्ली स्थित नाइट क्लबों "प्लेबॉय क्लब" और "व्हाइट क्लब" - में नकद निवेश किया। ये क्लब न्यूएरा फीस्ट एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के ज़रिए चलाए जाते थे। ईडी द्वारा की गई यह गिरफ्तारी ड्रग तस्करी के रैकेट और ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन में शामिल नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार के 'होल-ऑफ-द-गवर्नमेंट' (सरकार के सभी विभागों के मिलकर काम करने) के नज़रिए का हिस्सा है। ईडी, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के आर्थिक ढांचे की अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed