LoC: नापाक हरकतों से नहीं बाज आ रहा पाकिस्तान, एक साल में सीमा पार से आने वाले ड्रोन की संख्या हुई तीन गुना
1 जनवरी, 2020 से इस साल 23 दिसंबर तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर देखे गए कुल 492 यूएवी या ड्रोन में से इस साल 311, 2021 में 104 और 2020 में 77 देखे गए थे। इन कुल ड्रोन में से 369 यूएवी पंजाब में, 75 जम्मू में, 40 राजस्थान में और 8 गुजरात में देखे गए।
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विस्तार
पाकिस्तान सीमा पर भारतीय इलाकों में दूसरी तरफ से हथियार, कारतूस और ड्रग्स की तस्करी के बाद आने वाले ड्रोन की संख्या में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। दोनों देशों की सीमा पर करीबन हर रोज ही पाकिस्तान की इन नापाक कोशिशों को देखा जा रहा है। बीते कुछ महीनों में बीएसएफ ने पंजाब और जम्मू की सीमा से बड़ी मात्रा में ड्रोन और इनके जरिए भेजे गए ड्रग्स और हथियारों को बरामद किया है। वहीं, इस बीच सामने आया है कि इस साल 23 दिसंबर तक ऐसे मानवरहित एरियल वाहनों (यूएवी) को 311 बार सीमा पर देखा गया है। 2021 में यह संख्या 104 थी। 2021 की तुलना में भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन देखे जाने की घटनाओं में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
2020 के आंकड़ों की तुलना में हुई चौगुनी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा जुटाए गए इस डेटा के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से आए ड्रोन देखे जाने की घटनाएं 2020 की तुलना में चौगुनी हो गई हैं। 2020 में 77 पाकिस्तानी यूएवी को भारतीय सीमा में देखा गया था।
आंकड़ों के मुताबिक, पहले से सतर्क बीएसएफ के जवानों ने ऐसे 22 से अधिक ड्रोन को मार गिराया और लगभग 45 किलोग्राम हेरोइन के साथ ही हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा भी जब्त किया। हथियारों के जखीरे में सात ग्रेनेड, दो मैगजीन, 60 गोला-बारूद और अन्य हथियार शामिल थे।
साल दर साल ऐसे बढ़ी सीमा पार से आने वाले ड्रोन की संख्या
1 जनवरी, 2020 से इस साल 23 दिसंबर तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर देखे गए कुल 492 यूएवी या ड्रोन में से इस साल 311, 2021 में 104 और 2020 में 77 देखे गए थे। इन कुल ड्रोन में से 369 यूएवी पंजाब में, 75 जम्मू में, 40 राजस्थान में और 8 गुजरात में देखे गए।
पंजाब में देखे गए सबसे ज्यादा ड्रोन
पंजाब में सबसे ज्यादा 164 अमृतसर में, 96 गुरदासपुर में, 84 फिरोजपुर में और 25 अबोहर जिले में ड्रोन देखे गए। वहीं, जम्मू सीमा पर इंद्रेश्वर नगर में कुल 35, जम्मू में 29 और सुंदरबनी में 11 ड्रोन देखे गए। इसी तरह राजस्थान से सटी पाकिस्तान सीमा पर श्री गंगानगर में 32, बाड़मेर में सात, बीकानेर और जैसलमेर उत्तर में तीन-तीन, जैसलमेर दक्षिण में दो और भुज में एक ड्रोन देखा गया।
छह महीनों का यह है आंकड़ा
वहीं, इन आंकड़ों से यह भी पता चला है कि इस साल 1 जुलाई से 23 दिसंबर के बीच कुल 206 ड्रोन देखे गए। उनमें से अधिकतम 45 ड्रोन अगस्त में देखे गए, इसके बाद सितंबर में 44, अक्टूबर में 38, नवंबर में 36 और दिसंबर में 24 ड्रोन देखे गए। जुलाई में सबसे कम 19 ड्रोन सीमा पर देखे गए थे। इनमें अमृतसर में 60, फिरोजपुर में 55, गुरदासपुर में 39, अबोहर में 23, श्री गंगानगर में 10, इंद्रेश्वर नगर में 6, जम्मू में 5, बाड़मेर में 3, जैसलमेर उत्तर में 2 और बीकानेर में सीमा पर ड्रोन देखे जाने का एक मामला दर्ज किया गया।
इस काम के लिए सीमा पार से हो रहा ड्रोन का इस्तेमाल
बीएसएफ के अधिकारियों ने ड्रोन की बढ़ रही संख्या के बारे में बताते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों, बीएसएफ की खुफिया जानकारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन का इस्तेमाल घाटी और पंजाब में आतंकी अभियानों के वित्तपोषण के लिए अफगान हेरोइन के पैकेट गिराने के लिए भी किया जाता है। इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि हथियारों, विस्फोटकों और ड्रग्स की तस्करी के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठनों का हाथ हैं।
बीएसएफ बरत रही अधिक सतर्कता
सीमा पार से अचानक बढ़ी ड्रोन गतिविधि को अक्टूबर में श्रीनगर में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संज्ञान में लाया गया था। उस बैठक में शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख भी उपस्थित थे। वहीं, बीएसएफ का दावा है कि वह पाकिस्तान से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक ले जाने वाले ड्रोन को पीछे हटाने में सक्षम है। बीएसएफ के जवान इसको लेकर ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं।