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देश में करीब 6.7 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस में 16 लाख से अधिक नकली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:10 PM IST
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देश में करीब 6.70 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस हैं जिसमें से 16.72 लाख लाइसेंस नकली हो सकते हैं। संसद में चल रहे बजट सत्र में इस बात का खुलासा किया गया है। बताया गया है कि सरकार ने 6.70 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस को स्कैन किया और उसके बाद पता चला है कि उसमें से 16.72 लाख ड्राइविंग लाइसेंस नकली हो सकते है। सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 जनवरी 2015 तक करीब 6 करोड़ 70 लाख लाइसेंस का रिकॉर्ड है।
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बता दें कि सड़क व परिवहन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई बार पहले भी कह चुके हैं कि देश में करीब 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस संभावित रूप से फर्जी हैं।
इस जानकारी के बाद सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को डिजिटलाइज करने की योजना बनाई। इतना ही नहीं लाइसेंस की नकल को दूर करने के लिए इसे आधार से जोड़े जाने की बात कही गई थी। पीटीआई के अनुसार, नकली लाइसेंस के संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नकली लाइसेंस बनने की काफी संभावनाएं बहुत हैं।
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देश में करीब 6.70 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस का रिकॉर्ड है
मंगलवार को नकली लाइसेंस की यह बात गुजरात के सड़क परिवहन व हाइवे राज्य मंत्री मंसुख लाल मंडाविया ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कही। मंसुख लाल ने कहा “5 जनवरी, 2015 तक 6,70,16,851 ड्राइविंग लाइसेंस का रिकॉर्ड है। इनमें से 16,72,138 ड्राइविंग लाइसेंस के नकली होने की संभावना है जो कि 7,99,923 समूहों में फैले हुए हैं।
सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली लाइसेंस के लिए अलग से सॉफ्टवेयर बनाया गया है जो कि सभी राज्यों में काम कर रहा है। इसी की सहायता से नकली लाइसेंस की जानकारियां भी मिल रही है।
फरवरी 2018, में सरकार ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था। बता दें कि सरकार एनआईसी सार्थी-4’ कार्यक्रम बना रही है, जिसके तहत लाइसेंस को आधार से लिंक किया जाएगा।
सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली लाइसेंस के लिए अलग से सॉफ्टवेयर बनाया गया है जो कि सभी राज्यों में काम कर रहा है। इसी की सहायता से नकली लाइसेंस की जानकारियां भी मिल रही है।
फरवरी 2018, में सरकार ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था। बता दें कि सरकार एनआईसी सार्थी-4’ कार्यक्रम बना रही है, जिसके तहत लाइसेंस को आधार से लिंक किया जाएगा।