शराब पीने में पुरुषों की बराबरी पर पहुंची महिलाएं, भारत तीसरे नंबर पर
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दुनिया की उन्नति में महिलाएं पहले से ही पुरुषों की बराबरी कर चुकी हैं, लेकिन अब शराब पीने के मामले में भी उन्होंने पुरुषों से बराबरी कर ली है। पुराने अध्ययनों के मुताबिक शराब पीने में पुरुष व महिलाओं के बीच यह अंतर 12 गुना का था, लेकिन ताजा शोध में पता चला है कि दुनिया भर की महिलाओं ने अब इस मामले में भी पुरुषों की बराबरी कर ली है।
ऑस्ट्रेलिया स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू-साउथ वेल्स के नेशनल ड्रग व अल्कोहल रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए शोध का विश्लेषण हाल ही में मेडिकल जर्नल ‘बीजेएम’ में प्रकाशित हुआ है। एपिडेमिओलॉजिस्ट टिम स्लेड ने इस शोध का नेतृत्व किया है।
इस शोध के लिए डॉ. स्लेड की टीम ने 1980 से 2014 तक हुए अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से 40 लाख से ज्यादा लोगों का डाटा जुटाया। इनमें शोधकर्ताओं ने तीन बातों पर फोकस किया, पहला - एल्कोहल का उपयोग, दूसरा- बहुत अधिक उपयोग और तीसरा - शराब पीने से स्वास्थ्य व सामाजिक समस्या।
महिला-पुरुषों के बीच शराब पीने के मामले में पहले 12 गुना का अंतर था
शोध के मुताबिक बहुत अधिक शराब पीने के मामले में पुरुषों में अधिकतम 3 गुना की दर से यह लैंगिक अनुपात गिरकर अब मात्र 1.2 गुना तक ही रह गया है, जबकि सामान्य उपयोग के मामले में यह अंतर 3.6 की दर से गिरकर 1.3 गुना तक ही रह गया है।
शोधकर्ताओं की टीम यह नहीं बता पाई कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में शराब पीने की आदत क्यों बढ़ी है, लेकिन टिम स्लेड ने बताया कि संभवतया समाज में महिलाओं के लिए शराब की स्वीकृति बढ़ने के चलते ऐसा हुआ हो।
भारतीय महिलाओं में बढ़ा शराब का चलन
इसके पीछे स्लेड ने महिलाओं के पुरुषों के साथ मिलकर काम करने, उच्च शिक्षा हासिल करने और वित्तीय रूप से अधिक सक्षम होने का तर्क दिया।पेरिस स्थित ‘आर्थिक सहयोग और विकास संगठन’ की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बीते दो दशकों में शराब की खपत 55 फीसदी बढ़ी है। इसका एक बड़ा कारण यहां किशोर व महिलाओं में इसकी लत का जोर पकड़ना है। शोध के मुताबिक रूस और एस्टोनिया के बाद भारत इस मामले में तीसरे स्थान पर है।
विकार ग्रस्त हो सकती है नई पीढ़ी
संगठन के मुताबिक भारत में पिछले 10 वर्षों के भीतर युवतियों में बढ़ता शराब का चलन गहरी चिंता का विषय है। खासतौर पर पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में महिलाओं के भीतर शराब का सेवन बढ़ा है, जबकि महानगरीय जीवन में भी युवतियों में शराब की लत बढ़ी है।
महिलाओं में शराब पीने की आदत बढ़ने के चलते स्वास्थ्य अधिकारी सतर्क हो गए हैं। उनके मुताबिक युवा वयस्क महिलाओं में एल्कोहल की लत छुड़ाने के लिए जल्द ही सामाजिक उपाय करने चाहिए।
बाल्टिमोर स्थित जॉन हॉपकिंस मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गीतांजलि चंदर ने कहा कि 20 से 30 वर्ष की उम्र में महिलाओं के भीतर शिशु को जन्म देने की सबसे बेहतर अवस्था होती है ऐसे में शराब का सेवन नई पीढ़ी में कई तरह के विकार पैदा कर सकता है। इनमें लिवर और कैंसर संबंधी बीमारियां भी शामिल हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए।