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ब्रह्मोस पर बोले डीआरडीओ प्रमुख, मिसाइल के परीक्षण का उद्देश्य स्वदेशी सामग्री को बढ़ाना
Wed, 14 Oct 2020 09:56 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 14 Oct 2020 09:56 AM IST
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डीआरडीओ प्रमुख जी सतीश रेड्डी
- फोटो : ANI
भारत ने हाल ही में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट को ध्वस्त कर सकती है। वहीं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने बताया है कि परीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिसाइल में स्वदेशी सामग्री को बढ़ाने के लिए किया गया।
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डीआरडीओ प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। परीक्षण मुख्य रूप से मिसाइल में स्वदेशी सामग्री को बढ़ाने के लिए किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली में शामिल कई स्वदेशी प्रणालियों का विस्तारित रेंज के साथ उड़ान परीक्षण किया गया है।
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It was a successful mission. Most of the indigenous systems, incorporated now, have functioned to full satisfaction & the indigenous content has gone up in BrahMos now: DRDO Chief G Satheesh Reddy on test-firing of extended range BrahMos supersonic cruise missile on September 30 https://t.co/Mu1Ageny17
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 14, 2020
उन्होंने कहा, यह एक सफल मिशन था। अब सम्मिलित की गई अधिकांश स्वदेशी प्रणालियों ने पूर्ण संतुष्टि के साथ काम करना शुरू कर दिया है और स्वदेशी सामग्री अब ब्रह्मोस में बढ़ गई है।
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बता दें कि, पूर्वी लद्दाख में चीन से जारी गतिरोध के बीच भारत ने 30 सितंबर को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट को ध्वस्त कर सकती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के बालासोर में जमीन से पीजे-10 प्रोजेक्ट के तहत मिसाइल का परीक्षण किया और मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया।
ब्रह्मोस एक रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमानों और जमीन से भी लॉन्च किया जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम के तहत विकसित किया गया है। शुरुआत में इसकी रेंज 290 किलोमीटर थी।
हालांकि इसकी क्षमता को बढ़ाकर 400 किलोमीटर से ज्यादा किया गया है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 450 किलोमीटर से अधिक दूसरी तक दुश्मन के टारगेट को तबाह कर सकती है।