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स्वास्थ्य मंत्री की सीएम केजरीवाल को चेतावनी- आयुष्मान भारत लागू नहीं हुआ तो जनता देगी करारा जवाब
Fri, 07 Jun 2019 04:54 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 07 Jun 2019 04:54 AM IST
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Dr harshvardhan, arvind kejriwal
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दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत इन दिनों दिल्ली के सियासी गलियारों में सुर्खियों में है। भाजपा की ओर से जहां दिल्ली में ये योजना लागू न होने के कारण दिल्ली सरकार का घेराव किया जा रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर कई तरह के तर्क वायरल किए गए हैं। इन सब के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुली चेतावनी दी है।
सोशल मीडिया पर डॉ. हर्षवर्धन ने लिखा है कि अगर राजधानी में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में आप की सरकार को जनता करारा जवाब देगी। हालांकि एक दिन पहले ही उन्होंने दिल्ली सहित चार राज्यों को पत्र लिख योजना लागू करने की अपील भी की है।
डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि विश्व स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत अब तक देश के 27 लाख से भी ज्यादा गरीबों को उपचार मिल चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसको लागू न करके दिल्ली के गरीबों के साथ अन्याय कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की सरकार को पत्र लिख योजना को लागू कराने में हरसंभव मदद करने की बात कही है।
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23 सितंबर, 2018 को लागू हुई आयुष्मान भारत योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पिछले वर्ष करार किया था, जिसके बाद करीब 2 हजार से ज्यादा अस्पताल भी पैनल पर जुड़े, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये कहते हुए योजना पर अपने राज्य में रोक लगा दी कि 40 फीसदी बजट देने वाले राज्य की जगह आयुष्मान भारत पर पीएम मोदी के ही फोटो होना गलत है।
उधर आयुष्मान भारत योजना की निगरानी रखने वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल सरकार पर अभी तक करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भी है। कहा जा रहा है कि योजना के लागू होने से उस पर रोक लगाने तक पश्चिम बंगाल की सरकार से केंद्र को 40 फीसदी का तय बजट अब तक प्राप्त नहीं हो सका है।
वहीं, दो दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि आयुष्मान भारत के मनमर्जी नियम ही सबसे खराब हैं। अगर इन नियमों के अनुसार योजना लागू करें तो 10 लाख लोगों को भी सुविधा नहीं मिल सकेगी। मंत्री जैन के इस बयान को लेकर भाजपा लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं दे रही है।
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सोशल मीडिया पर डॉ. हर्षवर्धन ने लिखा है कि अगर राजधानी में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में आप की सरकार को जनता करारा जवाब देगी। हालांकि एक दिन पहले ही उन्होंने दिल्ली सहित चार राज्यों को पत्र लिख योजना लागू करने की अपील भी की है।
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डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि विश्व स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत अब तक देश के 27 लाख से भी ज्यादा गरीबों को उपचार मिल चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसको लागू न करके दिल्ली के गरीबों के साथ अन्याय कर रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की सरकार को पत्र लिख योजना को लागू कराने में हरसंभव मदद करने की बात कही है।
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23 सितंबर, 2018 को लागू हुई आयुष्मान भारत योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पिछले वर्ष करार किया था, जिसके बाद करीब 2 हजार से ज्यादा अस्पताल भी पैनल पर जुड़े, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ये कहते हुए योजना पर अपने राज्य में रोक लगा दी कि 40 फीसदी बजट देने वाले राज्य की जगह आयुष्मान भारत पर पीएम मोदी के ही फोटो होना गलत है।
उधर आयुष्मान भारत योजना की निगरानी रखने वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल सरकार पर अभी तक करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भी है। कहा जा रहा है कि योजना के लागू होने से उस पर रोक लगाने तक पश्चिम बंगाल की सरकार से केंद्र को 40 फीसदी का तय बजट अब तक प्राप्त नहीं हो सका है।
वहीं, दो दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि आयुष्मान भारत के मनमर्जी नियम ही सबसे खराब हैं। अगर इन नियमों के अनुसार योजना लागू करें तो 10 लाख लोगों को भी सुविधा नहीं मिल सकेगी। मंत्री जैन के इस बयान को लेकर भाजपा लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं दे रही है।